बीजेपी के खिलाफ होने वाले ममता बनर्जी की रैली में शामिल होंगे शत्रुघ्न सिन्हा

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि उन्हें अपनी पार्टी में ‘‘सम्मान’’ नहीं मिला और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की कोलकाता में शनिवार (19 जनवरी) को होने वाली रैली में हिस्सा लेंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ममता की 19 जनवरी को होने वाली रैली में बीजेपी के बागी नेता यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी भी हिस्‍सा ले सकते हैं। वहीं, विपक्ष की तरफ से सपा प्रमुख अखिलेश यादव, आरएलडी के अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह, जयंत चौधरी और शरद यादव सहित कई विपक्षी नेता शामिल होंगे।

PHOTO: PTI

सिन्हा ने गुरुवार को पीटीआई को बताया कि वह ‘‘राष्ट्र मंच’’ के प्रतिनिधि के तौर पर रैली में हिस्सा लेंगे। बता दें कि इस राजनीतिक समूह की शुरुआत बीजेपी के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा ने की थी जिसका समर्थन शत्रुघ्न सिन्हा भी करते हैं। अभिनेता और नेता सिन्हा केंद्र की बीजेपी सरकार के कई निर्णयों को लेकर उसका विरोध करते रहे हैं जिसमें नोटबंदी भी शामिल है। वह इन निर्णयों को ‘‘वन मैन शो’’ बताते रहे हैं।

शत्रुघ्न सिन्हा ने मुंबई से फोन पर पीटीआई को बताया, ‘‘राष्ट्र मंच की तरफ से मैं कार्यक्रम में हिस्सा लूंगा…।’’ उन्होंने रैली में शामिल होने को उचित ठहराते हुए कहा, ‘‘बीजेपी के कुछ नेता भी आरएसएस के कार्यक्रम में शिरकत करते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अभी तक पार्टी के प्रति मेरी वफादारी पर सवाल नहीं किए जा सकते हैं। मैं बीजेपी में तब शामिल हुआ जब यह दो सांसदों की पार्टी थी और मैंने हमेशा इसे मजबूत करने के लिए काम किया है।’’ पटना साहिब से बीजेपी के लोकसभा सांसद रैली में ‘‘स्टार वक्ता’’ होंगे।

वहीं, NDTV के मुताबिक बीजेपी सांसद ने ममता बनर्जी को ‘राष्ट्रीय नेता’ बताया है। शत्रुघ्न सिन्हा से यह पूछे जाने पर कि लोकसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी क्या प्रधानमंत्री बनेंगीं? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनाने का फैसला चुनाव में संख्या से होता है, तय लोग और नेता करते हैं। वे (ममता) श्रेष्ठ व्यक्तित्व वाली श्रेणी की नेत्री हैं। वे सिर्फ एक क्षेत्रीय नेता नहीं बल्कि राष्ट्रीय नेता हैं।

‘विपक्ष की रैली BJP के ताबूत में कील साबित होगी’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस की तरफ से विपक्ष की 19 जनवरी को आयोजित हो रही विशाल रैली लोकसभा चुनावों में बीजेपी के लिए ‘‘ताबूत की कील’’ साबित होगी और चुनावों में क्षेत्रीय दल निर्णायक की भूमिका में होंगे। बनर्जी ने दावा किया कि आम चुनावों में बीजेपी को 125 से अधिक सीटें नहीं मिलेंगी।उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय दलों को भाजपा से कहीं अधिक सीटें मिलेंगी।

 

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