जेपी नड्डा समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने चक्रवात यास पर पीएम मोदी के साथ समीक्षा बैठक में शामिल नहीं होने पर सीएम ममता बनर्जी पर साधा निशाना, जानें किस नेता ने क्‍या कहा?

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत भाजपा के कई नेताओं ने चक्रवात यास को लेकर राहत कदमों पर प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के साथ बुलाई गई बैठक में हिस्सा नहीं लेने के लिए शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने जनकल्याण से ऊपर अहंकार को रखा।

ममता बनर्जी

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा, “पश्चिम बंगाल का आज का घटनाक्रम स्तब्ध करने वाला है। मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री व्यक्ति नहीं संस्था है। दोनों जन सेवा का संकल्प और संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेकर दायित्व ग्रहण करते हैं।”

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “आपदा काल में बंगाल की जनता को सहायता देने के भाव से आए हुए प्रधानमंत्री के साथ इस प्रकार का व्यवहार पीड़ादायक है।जन सेवा के संकल्प व संवैधानिक कर्तव्य से ऊपर राजनैतिक मतभेदों को रखने का यह एक दुर्भाग्यपूर्ण उदहारण है, जो भारतीय संघीय व्यवस्था की मूल भावना को भी आहत करने वाला है।”

अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, ‘‘ममता दीदी का आज का आचरण दुर्भाग्यपूर्ण है। चक्रवात यास के कारण बहुत सारे आम नागरिक प्रभावित हुए हैं और समय की मांग है कि प्रभावितों की मदद की जाए। दुखद है कि दीदी ने जनकल्याण के ऊपर अहम को रखा और आज के इस ओछे व्यवहार में यह दिखता है।’’

नितिन गडकरी ने अपने ट्वीट में लिखा, “पश्चिम बंगाल में हुआ आज का घटनाक्रम निंदनीय है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री एक संस्थान है जो संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेकर अपने दायित्वों का पालन करते है।” गडकरी ने अपने ट्वीट में आगे कहा, “प्रधानमंत्री जी बंगाल की जनता की सहायता के लिए राज्य के दौरे पर हैं, और यह आपदा की घड़ी है, हम सभी को मिलकर इसका सामना करना है। संवैधानिक कर्तव्यों के ऊपर राजनीतिक मतभेद लाना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे भारतीय संघीय व्यवस्था की मूल भावना आहत हुई है।”

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल की जनता के साथ इतनी मजबूती से खड़े हैं तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी जनता की भलाई के लिए अपने अभिमान को दूर रखना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक में उनकी गैरमौजूदगी संवैधानिक नैतिक मूल्य व संघीय ढांचे में सहयोग की भावना की हत्या है।

बता दें कि, पीएम मोदी ने शुक्रवार (28 मई) को ओडिशा और पश्चिम बंगाल का दौरा किया और चक्रवात यास के बाद की स्थिति को लेकर दोनों राज्यों में बैठकें की थी। मोदी के साथ बैठक में ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक मौजूद थे, लेकिन बनर्जी ने कथित तौर पर अपने राज्य में समीक्षा बैठक को छोड़ने का फैसला किया था।

हालांकि, बनर्जी ने चक्रवात ‘यास’ के कारण राज्य को हुए नुकसान पर प्रधानमंत्री को एक रिपोर्ट सौंपी है और प्रभावित इलाकों के पुनर्विकास के लिए 20,000 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की है।

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