उर्जित पटेल नहीं दे पाए संसदीय समिति को नोटबंदी पर अहम सवालों के जवाब

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आज बुधवार आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को वित्त मामलों की स्टैंडिंग कमेटी के सामने प्रस्तुत हुए। कमेटी ने उनसे कई सवाल किए लेकिन पटेल कई अहम सवालों के जवाब नहीं दे पाएं। आपको बता दे इससे पहले भी नोटबंदी पर पत्रकारों के सवालों से बचकर उर्जित पटेल सीढ़ीयां फांदकर भाग गए थे।
Photo courtesy: jansatta
जबकि पूर्व में आरबीआई द्वारा बुलाई गई पत्रकार वार्ता से कई बड़े मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को नहीं बुलाने का आरोप भी आरबीआई गर्वनर को झेलना पड़ा था। इसके अतिरिक्त रिजर्व बैंक के कर्मचारियों ने पत्र लिखकर खुद को अपमानित होने की पीड़ा भी उर्जित पटेल के सम्मुख बंया की थी।
आज उम्मीद की जा रही थी की वह नोटबंदी के जुड़े हुए कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब देगें लेकिन नतीजा फिर वहीं निकला। जबकि शिवसेना ने आज उर्जित पटेल को गूंगा-बहरा तोता कहा था।

सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी एएनआई ने लिखा है, ‘आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने स्थाई संसदीय कमेटी के सदस्यों को बताया कि 9.2 लाख करोड़ रुपए की नई करेंसी बाजार में उतारी गई हैं।’ वहीं एएनआई ने इससे पहले सूत्रों के हवाले से लिखा था कि वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के पास इस सवाल का जवाब नहीं था कि बैंकों में कितने पुराने नोट पहुंचे हैं और कितने नए नोट छापे गए हैं।

एनडीटीवी की खबर के अनुसार,आरबीआई  गवर्नर उर्जित पटेल ने संसद की एक समिति को बताया है किनोटबंदी की प्रक्रिया जनवरी से ही शुरू हो गई थी। सूत्रों के हवाले से ये खबर NDTV को दी है। उर्जित पटेल का यह बयान समिति को पहले दिए गए उस लिखित बयान से अलग है।

जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री द्वारा 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये के नोटों को प्रचलन से हटाने की घोषणा से सिर्फ एक दिन पहले 7 नवंबर को सरकार ने आरबीआई को बड़े रद्द नोटों को रद्द करने की ‘सलाह’ दी थी।

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