पहलाज निहलानी की सेंसर बोर्ड से छुट्टी, प्रसून जोशी को मिला पदभार

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अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले सेंसर बोर्ड के चीफ पहलाज निहलानी को हटा दिया गया है। पहलाज निहालानी को हटाकर गीतकार प्रसून जोशी को चेयरमैन बनाया गया है। साथ ही मशहूर अभिनेत्री विद्या बालन को सेंसर बोर्ड का सदस्य बनाया गया है।

पहलाज निहलानी और प्रसून जोशी

बता दें कि, कुछ दिनों पहले भी ऐसी ख़बरे आई थी कि उनकी कुर्सी खतरे में है। पहलाज निहलानी ने जबसे पद संभाला है तब से वह विवादों में ही रहे हैं। पहलाज निहलानी को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 19 जनवरी 2015 को सेंसर बोर्ड की कमान सौंपी थी।

कई फिल्मों पर मनमाने ढंग से कैंची चलाने को लेकर उनकी काफी आलोचना की जा चुकी है। इसके अलावा कई बार अपने बयानों को लेकर भी उन्हें कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है। निहलानी का कार्यकाल तीन वर्षों का था लेकिन बीच में ही उन्हें पद से हटा दिया गया।

पहलाज निहलानी को पद से हटाएं जाने के बाद परेश रावल ने ट्वीट कर प्रसून जोशी का स्वागत किया और स्मृति ईरानी को धन्यवाद दिया।

बता दें कि, पिछले दिनों फिल्म ‘लिपस्टिक अंडर माय बुर्का’ को इसलिए सर्टिफिकेट नहीं दिया गया क्योंकि यह महिलाओं के मुद्दे पर आधारित थी जोकि हमारे संस्कारों के खिलाफ थी। पहलाज निहलानी का कहना था कि फिल्म में अश्लीलता परोसी गई है। वहीं शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा की फिल्म ‘जब हैरी मेट सेजल‘ के मिनी ट्रेलर में इंटरकोर्स शब्द के इस्तेमाल को लेकर भी पहलाज भड़क गए थे।

EXCLUSIVE- I was always a reclusive man, they forced me to become aggressive and come on camera

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के नये अध्यक्ष गीतकार प्रसून जोशी को बनाया गया है। प्रसून जोशी का जन्म 1971 में हुआ था, जोशी गीतकार के अलावा मशहूर ऐडमैन रह चुके हैं। जोशी ने मौला, कैसे मुझे तू मिल गई, तू बिन बताए, खलबली है खलबली, सांसों को सांसों में जैसे मशहूर गाने लिखे हैं। 2015 में केंद्र सरकार ने उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से नवाजा था। उन्हें साहित्य और एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में यह पुरस्कार दिया गया था।

 

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