शिवसेना और VHP की धर्मसभा से पहले अयोध्या किले में तब्दील, अनहोनी की आशंका के मद्देनजर घर छोड़ रहे हैं मुस्लिम परिवार

अयोध्या में राम मंदिर के लिए शिवसेना और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रस्तावित कार्यक्रम के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। अयोध्या में शिवसेना के मेगा शो और रविवार को भगवा कैंप के शक्ति प्रदर्शन से पहले शुक्रवार पुलिस ने शहर को किले में तब्दील कर दिया है। दावा है कि रविवार को अयोध्या में करीब दो लाख लोगों की भीड़ इक्टठा हो सकती है। इसमें 1 लाख आरएसएस, 1 लाख वीएचपी और करीब 5 हजार शिवसेना के कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं।

(Vinay Pandey/HT Photo)

वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद को ढहाए जाने के बाद अयोध्या में यह सबसे बड़ा जमावड़ा माना जा रहा है। यही वजह है कि 1992 की तरह किसी अनहोनी की आशंका के मद्देनजर कई मोहल्लों के मुस्लिम परिवार अपना घर छोड़कर कहीं दूसरे स्थान पर जाने को मजबूर हैं। लोगों को डर है कि शिवसेना और वीएचपी के लोग अगर 1992 जैसा कोई कदम उठाते हैं तो पुलिस प्रशासन उनकी सहायता नहीं कर पाएगी। लोगों का कहना है अगर यहां कितनी भी बड़ी संख्या में पुलिस-प्रशासन मौजूद रहेगी तो भी कोई फायदा नहीं है, क्योंकि हम 1992 में धोखा खा चुके हैं।

हालांकि, अयोध्या में पुलिस-प्रशासन मुस्तैद है, फिर भी अयोध्यावासी आशंकित हैं। वीएचपी और शिवसेना के अयोध्‍या कूच से लोगों को अनहोनी की आशंका घर करने लगा है। जहां एक तरफ अयोध्या में वीएचपी धर्मसभा को लेकर तैयारी तो शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के पहुंचने से स्थिति तनावपूर्ण है। आपको बता दें कि अयोध्या में आयोजित हो रही धर्मसभा में हिस्सा लेने के लिए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने आवास से रवाना हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक अयोध्या-फैजाबाद शहर के सभी होटल फुल हो चुके हैं।

संजय राउत के बयान से माहौल गर्म

इससे पहले शुक्रवार (23 नवंबर) को शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने यह कहकर माहौल और गर्मा दिया है कि जब बाबरी मस्जिद को 17 मिनट में ढहाया जा सकता है, तो फिर मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने में इतनी देरी क्यों हो रही है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “हमने 17 मिनट में बाबरी मस्जिद को ढहा दिया था, लेकिन कागजी काम, कानून या अध्यादेश बनाने में इतना समय क्यों लग रहा है।”

शिवसेना नेता अयोध्या में बीते कुछ दिनों से अपने पार्टी नेताओं और दो विशेष ट्रेनों से यहां आए सैकड़ों शिवसेना समर्थकों के साथ डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति भवन से लेकर उत्तर प्रदेश तक बीजेपी की सरकार है। राज्यसभा में ऐसे कई सदस्य हैं जो राम मंदिर का समर्थन करते हैं।” राउत ने मांग करते हुए कहा कि सरकार को अयोध्या में ‘भव्य राममंदिर के तत्काल निर्माण’ के लिए कानून लाना चाहिए।

2 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) भी रविवार को राम मंदिर के जल्द से जल्द निर्माण की मांग के लिए ‘धर्म संसद’ का आयोजन करने वाली है। आयोजकों ने इसके लिए राज्य के विभिन्न भागों से लोगों को लाने-ले जाने के लिए कई ट्रेनों, बसों, ट्रालियों, टैक्सियों को लोगों के लिए बुक किया है। पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी IANS से कहा कि रविवार को दो लाख से ज्यादा लोगों के अयोध्या आने की संभावना है। वहीं, शिवसेना की तरफ से पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे अयोध्या में रविवार को कई समारोह में भाग लेंगे और भव्य राम मंदिर के तत्काल निर्माण की मांग करेंगे।

सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि राज्य की बीजेपी सरकार शिवसेना के शीर्ष नेताओं के साथ यह सुनिश्चित कर रही है कि विवादास्पद स्थल के पास किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न घटे। सरकार के सूत्रों ने कहा कि स्थानीय खुफिया इकाईयों को अलर्ट पर रखा गया है और शिवसेना प्रमुख के यहां आने से पहले अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।इस मामले में, योगी आदित्यनाथ सरकार फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है। एक तरफ, सरकार ने कहा है कि ‘राम भक्त’ अयोध्या में एकत्रित हो सकते हैं और धार्मिक रीति रिवाज कर सकते हैं, दूसरी तरफ सरकार ने पुलिस और जिला प्रशासन से अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।

अयोध्या किले में तब्दील

रविवार को अयोध्या किले में तब्दील हो गया। पुलिस ने अयोध्या को आठ जोन और 16 क्षेत्रों में बांट दिया। राज्य के मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय, मुख्य सचिव(गृह) अरविंद कुमार और पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने वीडियो-कांफ्रेंसिंग के जरिए राज्य की सुरक्षा स्थितियों का जायजा लिया। राज्य सरकार ने यहां पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र पुलिस बल) की संख्या 20 से बढ़ाकर 48 कर दी है। डीजीपी ने शुक्रवार को कहा, “डरने की कोई बात नहीं है। हम सतर्क हैं और कानूव व व्यवस्था का पालन किया जाएगा।” अयोध्या और फैजाबाद में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की निगरानी रहेगी।

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