भारत में सरिया की गुणवत्ता को लेकर बड़ा खुलासा: इस रिपोर्ट से एक झटके में टूटा लोगों का अपने घर का सपना, इमारतों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

0

भारत में सरिया की गुणवत्ता को लेकर एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जिससे लोगों के अपने घर के सपने को एक झटके में तोड़ दिया है। दरअसल, एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सरिया में फॉस्फोरस और सल्फर की मात्रा अधिक होना खतरनाक होता है, क्योंकि इस तरह के सरिया जंग लगने के साथ ही आग लगने की स्थिति में जल्दी पिघल सकता है। एक रिपोर्ट में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद भारत में इमारतों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

इस्पात उद्योग पर काम करने वाली संस्था ईपीसी वर्ल्ड द्वारा परीक्षण,शोध एवं विकास सेंटर सनबीम ऑटो प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से कराए गए एक परीक्षण रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार इस्पात के दो तरह के प्राइमरी और द्वितीयक उत्पादक हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय मानक ब्यूरो मानदंड तय किए गए हैं और मानक से अधिक फॉस्फोरस तथा सल्फर वाला इस्पात उत्पाद बहुत ही खतरनाक है। इन दोनों में से एक भी पदार्थ मानक से अधिक है तो भी वह खतरनाक है।

देश भर से नमूना इक्ट्ठा कर हुई जांच

समाचार एजेंसी यूनिवार्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, ईपीसी वर्ल्ड ने सनबीम ऑटो के सहयोग से देश भर से 8 एमएम और 16 एमएम के सरियों के 44 नमूना इकट्ठा कर जांच कराई तो उसके चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। उसने अक्टूबर में ये नमूने इकट्ठा कर सनबीम ऑटो प्राइवेट लिमिटेड की प्रयोगशाला में जांच कराई, जिनमें ज्यादातर द्वितीयक उत्पादकों के सरिये भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा तय मानकों पर खरा नहीं उतर पाए। इन नमूने में प्राइमरी और द्वितीयक दोनों तरह के सरिया शामिल किए गए थे।

Source: EPC World

 

क्या है ब्यूरो द्वारा तय किया मानक?

ब्यूरो ने एफई 500 ग्रेड के लिए कार्बन की मात्रा 0.30 प्रतिशत, सल्फर और फॉस्फोरस अलग-अलग 0.055 – 0.055 प्रतिशत और सल्फर-फॉस्फोरस मिक्स 0.105 प्रतिशत का मानक तय किया हुआ है। इसी तरह एफई 500 डी के लिए कार्बन की मात्रा 0.25 प्रतिशत, सल्फर और फॉस्फोरस अलग-अलग 0.040 – 0.040 प्रतिशत और सल्फर-फॉस्फोरस मिक्स 0.075 प्रतिशत का मानक है। इन मानकों के आधार पर ही उपरोक्त ग्रेड के सरियों की क्षमता भी निर्धारित की गई है जिससे भूकंप, तूफान, सुनामी जैसी आपदाओं में भी मकान आदि इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित रह सके।

Previous articleBulandshahr violence: 27 named in police FIR reportedly include members from Bajrang Dal, VHP and Hindu Yuva Vahini founded by Yogi Adityanath
Next articleबुलंदशहर हिंसा: शहीद इंस्पेक्टर की बहन बोलीं- अखलाक हत्या मामले की जांच कर रहे थे मेरे भाई, इसलिए उन्हें मारा गया, बेटा बोला, हिंदू-मुस्लिम विवाद में शहीद हो गए पापा