BJP कार्यकर्ता की मां शोभा मजूमदार की मौत पर पश्चिम बंगाल में गरमाई सियासत, अमित शाह के ट्वीट पर ममता बनर्जी ने किया पलटवार; पूछा- हाथरस में महिला अत्याचार पर क्यों चुप रहे थे गृह मंत्री?

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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच भाजपा कार्यकर्ता गोपाल मजूमदार की 85 वर्षीय मां शोभा मजूमदार की मौत के बाद राज्य में सियासत गरमा गई है। इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस एक-दूसरे पर निशाना साध रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधा तो तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ने भी पलटवार करते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह महिलाओं के खिलाफ हिंसा का समर्थन नहीं करतीं लेकिन उत्तर प्रदेश के हाथरस में जब एक महिला का उत्पीड़न कर जान से मार दिया गया था, तब केंद्रीय मंत्री अमित शाह चुप क्यों थे? बता दें कि, भाजपा ने पिछले महीने आरोप लगाया था कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने घर में घुसकर शोभा मजूमदार और उनके बेटे के साथ मारपीट की थी।

पश्चिम बंगाल

अमित शाह ने ट्वीट कर ममता बनर्जी पर निशाना साधा और कहा, “बंगाल की बेटी शोभा मजूमदार जी के निधन से दुखी हूं, जिन्हें टीएमसी के गुंडों ने बेरहमी से पीटा था। उसके परिवार का दर्द और घाव लंबे समय तक ममता दीदी को परेशान करेगा। बंगाल कल हिंसा मुक्त भारत के लिए लड़ेगा, बंगाल हमारी बहनों और माताओं के लिए एक सुरक्षित राज्य की लड़ाई लड़ेगा।”

अमित शाह के अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा समेत भाजपा के कई नेताओं ने उत्तरी 24 परगना जिले के निमता निवास में पिछले माह कथित तौर पर तृणमूल समर्थकों के हमले में घायल 84 वर्षीय शोभा मजूमदार के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। शोभा का सोमवार की सुबह निधन हो गया था। उनकी मौत के कारण का अभी पता नहीं चल सका है।

अमित शाह के इस ट्वीट के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को रोड शो में कहा, वह महिलाओं के खिलाफ हिंसा का समर्थन नहीं करती हैं और उन्हें शोभा मजूमदार की मौत के असल कारण की जानकारी नहीं है। बनर्जी ने इसी के साथ आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भारतीय जनता पार्टी शासित उत्तर प्रदेश में महिलाओं पर होने वाले अत्याचार को लेकर चुप्पी क्यों साधे रहते हैं।

तृणमूल सुप्रीमो ने कहा, “भाजपा अब शोभा मजूमदार के निधन का राजनीतिकरण कर रही है। अमित शाह ट्वीट करके कह रहे हैं कि बंगाल का क्या हाल है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में जब महिला पर अत्याचार किया गया, तब वह चुप क्यों रहे।”

उन्होंने कहा कि बंगाल में आदर्श आचार संहिता लागू है और कानून-व्यवस्था अब चुनाव आयोग के हाथों में है। तीन तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पिछले कुछ दिनों में हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि बहुत अधिक लालच अच्छा नहीं होता। वह( अधिकारी)‘न घर का रहा न घाट का।’

बनर्जी ने खुदीराम मोड से नंदीग्राम ब्लॉक-2 के ठाकुर चौक तक पद यात्रा की। इसमें हजारों लोग इसमें शामिल हुए, वे तृणमूल का झंडा लिए हुए थे। दूसरे चरण के दौरान एक अप्रैल को यहां होने वाला चुनाव बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तृणमूल सुप्रीमो यहां से अपने पूर्व मंत्रिमंडलीय सहयोगी सुवेन्दु अधिकारी से खिलाफ खड़ी हुई हैं। अधिकारी ने पिछले वर्ष दिसम्बर में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी।

तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही नंदीग्राम में अपने स्टार प्रचारकों को उतारा है, जहां बंगाल का सबसे बड़ा सियासी संग्राम देखा जा रहा है। यहां भाजपा के शुभेन्दु अधिकारी के खिलाफ खुद टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी मैदान में हैं। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के चुनाव में नंदीग्राम जैसी सीट पर मतदान होना है। (इंपुट: एजेंसी के साथ)

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