मध्य प्रदेश: मॉब लिंचिंग की घटनाओं से डरकर अपना नाम बदलना चाहते हैं मुस्लिम अधिकारी नियाज खान, बॉलीवुड के मुस्लिम अभिनेताओं को भी दी नाम बदलने की सलाह

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मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर मध्य प्रदेश के मुस्लिम समाज के एक वरिष्ठ अधिकारी अपने एक ट्वीट को लेकर चर्चाओं में हैं, क्योंकि वह ऐसा नाम खोज रहे हैं, जो उनकी पहचान को छिपा सके। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नियाज अहमद खान अपनी मुस्लिम पहचान को लेकर काफी चिंतित है। नियाज खान ने एक के बाद एक ट्वीट कर अपने मुस्लिम होने की पीड़ा सोशल मीडिया के जरिए जाहिर की है।

Niyaz Khan (Photo: Twitter/@saifasa)

उप सचिव स्तर के अधिकारी नियाज खान ने मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर चिंता जताते हुए ट्वीट किया है कि वे अपनी पहचान छिपाने के लिए नया नाम ढूंढ रहे हैं। उन्होंने शनिवार को ट्विटर पर लिखा कि वह अपनी नई किताब के लिए अपना नया नाम ढूंढ रहे हैं, जिससे वह अपने मुस्लिम होने की पहचान छुपा सकें और नफरत की तलवार से खुद को बचा सकें।

इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट किए। नियाज खान ने अपने अगले ट्वीट कर लिखा, “नया नाम मुझे हिंसक भीड़ से बचाएगा। अगर मेरे पास कोई टोपी, कोई कुर्ता और कोई दाढ़ी नहीं है तो मैं भीड़ को अपना नकली नाम बताकर आसानी से निकल सकता हूं। हालांकि, अगर मेरा भाई पारंपरिक कपड़े पहन रहा है और दाढ़ी रखता है तो वह सबसे खतरनाक स्थिति में है।”

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में विभिन्न संस्थाओं पर सवाल उठाते हुए लिखा, “चूंकि कोई भी संस्थान हमें बचाने में सक्षम नहीं है, इसलिए नाम को स्विच करना बेहतर है।” नियाज ने बॉलीवुड के मुस्लिम अभिनेताओं को भी सलाह दी है कि वह अपना नाम बदल लें। उन्होंने ने आगे लिखा, “मेरे समुदाय के बॉलीवुड अभिनेताओं को भी अपनी फिल्मों की सुरक्षा के लिए एक नया नाम ढूंढना शुरू करना चाहिए। अब तो टॉप स्टार्स की फिल्में भी फ्लॉप होने लगी हैं। उन्हें इसका अर्थ समझना चाहिए।”

नियाज खान अपने ट्वीट को लेकर पहले भी चर्चा में आ चुके हैं। इसी साल जनवरी में भी उन्होंने खुद के मुसलमान होने की पीड़ा ट्विटर पर बयां किया था। नियाज खान ने लिखा था की खान सरनेम भूत की तरह उनके पीछे पड़ा है। इसकी वजह से मुझे कई बार प्रताड़ित होना पड़ा है। दरअसल, इसके जरिए उन्होंने अपने सीनियर अधिकारियों की प्रताड़ना का दर्द सबके सामने रखा था और लिखा था कि मुसलमान होने के कारण उन्हें भेदभाव का शिकार होना पड़ता है।

बता दें कि हाल के दिनों में गोरक्षा के नाम पर देश के कई हिस्सों में मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई है। झूठी अफवाहों के चलते भीड़ ने मुस्लिम समुदाय के कई लोगों को मौत के घाट उतारा है। हाल ही में झारखंड के सरायकेला खरसावां में तबरेज अंसारी नाम के एक युवक पर चोरी का आरोप लगाकर ग्रामीणों द्वारा बेरहमी से पिटाई की गई, जिसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की एक वीडियो के मुताबिक, कुछ लोग तबरेज से जबरदस्ती ‘जय श्री राम’ के नारे लगवा रहे हैं। यह खबर भारत सहित पूरे विश्व भर में सुर्खियों में रहा।

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