कपिल सिब्बल ने हटाया अपना ट्वीट, बोले- राहुल गांधी ने व्यक्तिगत तौर पर सारी बात बताई

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कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर छिड़ी बहस के बीच सोमवार (24 अगस्त) को कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक जारी है। बैठक के दौरान राहुल गांधी ने नेतृत्व को लेकर 23 नेताओं द्वारा सोनिया गांधी को भेजी गई चिट्ठी को भाजपा के साथ मिलीभगत करार दिया। इसे लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल और गुलाम नबी आजाद ने विरोध जताया। हालांकि बाद में कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सफाई दी और कहा कि राहुल ने ऐसा कुछ भी नहीं कहा है। वहीं, कुछ देर बाद कपिल सिब्बल ने कहा कि मैं अपना ट्वीट वापस ले रहा हूं क्योंकि राहुल गांधी ने मुझे व्यक्तिगत तौर पर सारी बात बताई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राहुल गांधी ने सीडब्ल्यूसी की बैठक में कहा कि जिन कांग्रेस नेताओं ने पार्टी में सुधार के लिए सोनिया गांधी को पत्र लिखा है उनकी भाजपा से साँठ-गाँठ है। राहुल की इस कथित टिप्पणी पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने ट्वीट कड़ी आपत्ति जताई।

कपिल सिब्बल ने बतौर वकील कांग्रेस को सेवा देने का उल्लेख करते हुए ट्वीट किया, ‘‘राहुल गांधी का कहना है कि ‘हम भाजपा के साथ साठगांठ कर रहे हैं’। राजस्थान उच्च न्यायालय में कांग्रेस पार्टी का पक्ष रखते हुए सफल हुआ। मणिपुर में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने करने के लिए पार्टी का पक्ष रखा।’’ उन्होंने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘पिछले 30 वर्षों से किसी मुद्दे पर भाजपा के पक्ष में कोई बयान नहीं दिया। फिर भी ‘हम भाजपा के साथ साठगांठ कर रहे हैं।’’

कपिल सिब्बल की इस टिप्पणी को रीट्वीट करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि मीडिया में राहुल गांधी को लेकर जो बात कही जा रही है वो बात उन्होंने नहीं कही है। सुरजेवाला ने अपने ट्वीट में लिखा है, ”राहुल गांधी ने ऐसा कुछ भी नहीं कहा है। इस संदर्भ में कोई बात नहीं हुई है। कृपया फर्ज़ी मीडिया रिपोर्ट से भ्रमित ना हों या फिर गलत सूचना न फैलाएं। हाँ, यह ज़्यादा ज़रूरी है कि क्रूर मोदी शासन के ख़िलाफ एकजुट होकर लड़ें न कि आपस में ही भिड़ते रहें।”

इसके बाद कपिल सिब्बल ने भी एक और ट्वीट किया। सिब्बल ने दूसरे ट्वीट में कहा, “राहुल गांधी ने व्यक्तिगत रूप से सूचित किया कि उन्होंने वो बातें (बीजेपी से सांठ-गांठ वाली) कभी नहीं कही जिसके लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया। इसलिए मैं अपना ट्वीट वापस लेता हूं।”

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी में नेतृत्व के मुद्दे पर सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले नेताओं पर निशाना साधा और कहा कि जब पार्टी राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में विरोधी ताकतों से लड़ रही थी और सोनिया गांधी अस्वस्थ थीं तो उस समय ऐसा पत्र क्यों लिखा गया। खबरों में कहा गया है कि सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल ने कथित तौर पर यह भी कहा कि पत्र लिखने वाले नेता भाजपा के साथ साठगांठ कर रहे हैं।

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