धारा 370 हटाए जाने पर बोले गुलाम नबी आजाद, भाजपा सरकार ने देश का सिर काटा, भारत से गद्दारी की

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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित करने के केंद्र सरकार के कदम की आलोचना करते हुए कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि ‘भाजपा की सरकार ने देश का सिर काट लिया है और यह भारत के साथ गद्दारी है।’ राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने यह भी कहा कि सरकार ने चीन और पाकिस्तान की सीमा से लगे संवेदनशील राज्य के साथ खिलवाड़ किया है जिसका उनकी पार्टी और दूसरे विपक्षी दल पुरजोर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर जैसे सीमावर्ती राज्य में वहां की जनता को साथ लिए बिना सिर्फ सेना की बदौलत दुश्मन से नहीं लड़ा जा सकता।

गुलाम नबी आजाद

आजाद ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘1927 के बाद ऐसी अनहोनी संसद के द्वारा की जा रही है। जम्मू-कश्मीर को भारत के साथ बनाए रखने के लिए लाखों लोगों ने कुर्बानी दी है। जब भी आतंकवाद हुआ उसका मुकाबला कश्मीर की जनता, वहां की मुख्यधारा की पार्टियां और हमारे सुरक्षा बलों ने किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर को एक सूत्र में बांधकर 370 ने रखा था लेकिन भाजपा की सरकार ने सत्ता के नशे में और वोट हासिल करने के लिए राजनीति, संस्कृति और भूगोल से भिन्न तरह के राज्य जम्मू-कश्मीर में एक झटके में तीन-चार चीजों को खत्म कर दिया। यह हिंदुस्तान की तारीख में काले शब्दों में लिखा जाएगा।’’

आजाद ने कहा, ‘‘370 को खत्म कर दिया और इतना ही नहीं राज्य को बांट दिया गया। जम्मू-कश्मीर में अब उप राज्यपाल होगा। यह तो कभी सपने में नहीं सोचा जा सकता था कि राजग सरकार यहां तक जाएगी कि जम्मू-कश्मीर राज्य का अस्तित्व खत्म कर देगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इनको पता नहीं कि एक तरफ चीन की सीमा, एक तरफ पाकिस्तान सीमा है और एक तरफ पीओके की सीमा है। ऐसे में भाजपा सरकार ने इस तरह से राज्य के साथ खिलवाड़ करके देश के साथ गद्दारी करने का काम किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘किसी सीमावर्ती राज्य में सिर्फ फौज की बदौलत दुश्मन को नहीं रोक सकते। इसके लिए स्थानीय लोगों का विश्वास होना चाहिए। भाजपा सरकार ने आज हमारे देश का सिर काट लिया। भाजपा की सरकार ने भारत को बिना सिर का बना दिया।’’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि सभी धर्मनिरपेक्ष पार्टियां मिलकर लड़ेंगी और जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ खड़ी हैं।

उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष कुछ बोलता था तो राज्यसभा और लोकसभा के चैनल दिखाते थे। लेकिन आज सुबह से कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, माकपा, भाकपा, द्रमुक, समाजवादी पार्टी और कई अन्य दलों के आसन के निकट धरने पर बैठे हैं जिसे नहीं दिखाया जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरनम ने कहा, ‘‘सरकार ने जो किया है वो प्रत्याशित और जोखिम है। सरकार ने संविधान के अनुच्छेदों की गलत व्याख्या की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी राजनीतिक दलों, राज्यों और देश की जनता से कहना चाहता हूं कि ‘‘भारत का विचार’’ गंभीर खतरे में है। यह भारत के संवैधानिक इतिहास का बहुत ही खराब दिन है।’’

गौरतलब है कि सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में एक संकल्प पेश किया जिसमें जम्मू कश्मीर राज्य से संविधान का अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य का विभाजन —जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख के दो केंद्र शासित क्षेत्रों के रूप में करने का प्रस्ताव किया गया है । जम्मू कश्मीर केंद्र शासित क्षेत्र में अपनी विधायिका होगी जबकि लद्दाख बिना विधायी वाला केंद्रशासित क्षेत्र होगा। गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक संकल्प पेश किया जिसमें कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 370 के सभी खंड जम्मू कश्मीर में लागू नहीं होंगे। (इंपुट: भाषा के साथ)

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