भीड़ ने बच्ची से गैंगरेप के आरोपी को थाने से निकाल पिट-पिट कर मार डाला

0

 

मथुरा में एक बच्ची से गैंगरेप के बाद हत्या की घटना के बाद लोग इतना भड़क गए की उन्होंने  आरोपियों को लॉकअप से निकाल कर इतना पीटा कि एक की मौत हो गई। वहीं, दूसरे की हालत गंभीर है। गुस्साए गांववालों ने चौकी पर भी जमकर बवाल किया। सूचना के बाद डीएम, एसएसपी सहित आईजी और डीआईजी भी घटनास्थल पर पहुंच गए। इस मामले में आईजी ने थानाध्यक्ष सहित 4 पुलिसकर्मियों को मौके पर ही सस्पेंड कर दिया। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

मथुरा के थाना फरह के पुलिस चौकी परखम के एक गांव की एक बच्ची सोमवार शाम 5 बजे घर के पास ही स्थित नौहरे (पशुओं का बाड़ा) पर गई थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिवार ने काफी तलाश किया, लेकिन बच्ची नहीं मिली। परिवार ने देर शाम बच्ची के गुम होने की सूचना दी। गायब बालिका की तलाश में जुटे परिवार को गांव के ही दो युवकों पर शक हुआ।

उन्होंने दोनों को पकड़ लिया। दोनों से कड़ाई से पूछताछ की, तो आरोपियों ने बालिका का शव स्टेशन के ही पास स्थित बीकेजी इंटर कॉलेज के पीछे एक गड्ढे में पड़ा बताया। जिसके बाद परिजन और पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर मौके पर पहुंचे और बालिका का शव बरामद कर लिया। बालिका का चेहरा पत्थर से कुचला हुआ था। बच्ची से गैंगरेप की आशंका जताई जा रही है।

शव देख भड़के ग्रामीण
शव देख ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया। पुलिस हिरासत में लेकर चौकी लाए गए दोनों आरोपियों ललुआ उर्फ श्याम (35) और सोनू (32) को चौकी पर हमला कर ग्रामीणों ने छुड़ा लिया। आरोप है कि आरोपियों की लाठी-डंडों से जमकर पिटाई कर दी और उसी स्थान पर फेंक दिया, जहां बच्ची की लाश मिली थी।

सूचना मिलते ही कई थानों के पुलिसबल के साथ एसएसपी डॉ. राकेश कुमार, डीएम राजेश कुमार गांव पहुंच गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों की खोजबीन की, तो ललुआ का शव गांव के पास हजारी जाटव के कुएं के पास जंगल में पड़ा मिला। जबकि सोनू घायल अवस्था में सिसक रहा था। पुलिस ने उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन स्थिति गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे आगरा रेफर कर दिया।

पुलिस की लापरवाही आई सामने 
मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी दुर्गा चरण मिश्रा और डीआईजी लक्ष्मी सिंह भी मौके पर पहुंच गईं। पूरे घटनाक्रम में पुलिस की लापरवाही सामने आने पर आईजी ने थानाध्यक्ष फरह तेजवीर सिंह, चौकी इंचार्ज परखम एचसीपी नेपाल सिंह और दो कॉन्स्टेबल रोहित कुमार व सुरेश चंद को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

गांव छोड़ कर चले गए लोग
आरोपी युवकों की बाल्मीकि समाज से ताल्लुक होने के कारण बाल्मीकि समाज के करीब एक दर्जन परिवार गांव से पलायन कर गए हैं। जबकि तनाव को देखते हुए गांव बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात कर दिया गया है। इस संबंध में डीआईजी से बात करने की कोशिश की गई। फोन रिसीव हुआ लेकिन बात नहीं की, जबकि एसएसपी का फोन रिंग जाने के बाद भी रिसीव नहीं हुआ। सीओ रिफाइनरी प्रीति प्रियदर्शनी ने सस्पेंशन की जानकारी होने से इनकार किया।

Previous article6 dead, many feared trapped as 33-year-old building collapses in Thane
Next articleSupreme Court says 24-week pregnant teen can abort if doctors permit