जेटली की बढ़ सकती है मुश्किल, ऑडिट में खुलासा- DDCA में हुआ था करोड़ों का घोटाला

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दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ(डीडीसीए) में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर एक नए ऑडिट में बताया गया है कि डीडीसीए में करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है। इस नए ऑडिट से केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की मुश्किलें बढ़ सकती है। बता दें कि वर्ष 2000 से 2013 तक जेटली डीडीसीए के अध्यक्ष थे। आउटलुक की एक रिपोर्ट ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2012-13, 2013-14 और 2014-2014 के दौरान की गई ऑडिट में दिल्ली और जिला क्रिकेट एसोसिएशन में कई करोड़ रुपये में चल रहे वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। बता दें कि डीडीसीए में अनियमितताओं की ऑडिट करने के लिए हाईकोर्ट ने आदेश दिया था।

वित्तीय अनियमितताओं में जो आये हैं उन में DDCA के बैंक एकाउंट्स से बिना इजाज़त के करोड़ों रूपये का निकाला जाना, मैच के टिकट्स खरीदने में लाखों की हेराफेरी, कंपनियों को एक ही काम केलिए कई मर्तबा पैसे देना, और ठेका देने के दौरान नियमों का उल्लंघन शामिल है।

इस साल जनवरी महीने में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों का समना कर रही डीडीसीए हाईकोर्ट ने करारा झटका देते हुए कामकाज देखने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस विक्रमजीत सेन को डीडीसीए का प्रशासक नियुक्त किया था।इतना ही नहीं, हाईकोर्ट ने अनियमितताओं व धांधली के आरोपों को देखते हुए डीडीसीए को वर्ष 2012-13, 2013-14 और 2014-15 के बही खातों की किसी बाहरी लेखाकार से जांज कराने का भी आदेश दिया है।

इससे पहले हाइकोर्ट के आदेश पर डीडीसीए के कामकाज की निगरानी कर रहे सेवानिवृत जस्टिस मुकुल मुद्गल ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा था कि यहां (डीडीसीए) में बड़े पैमाने पर अनियमितता व्याप्त है। उन्होंने कहा था कि इसकी उचित जांच की जरूरत है।

हाईकोर्ट ने जस्टिस मुद्गल को पहले फिरोजशाह कोटला मैदान पर होने वाले मैच की निगरानी का काम सौंपा था, लेकिन बाद में उन्हें डीडीसीए का कामकाज सौंप दिया था। उन्होंने खुद को इस काम से अलग करने का आग्रह करते हुए हाईकोर्ट से कहा था कि डीडीसीए में सुधार के लिए कई कदम उठाए जाने हैं।

गौरतलब है कि जेटली ने दिसंबर, 2015 में केजरीवाल के अलावा आम आदमी पार्टी के नेताओं कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह, राघव चड्ढा और दीपक वाजपेयी के खिलाफ डीडीसीए भ्रष्टाचार मामले में कथित तौर पर झूठे और अपमानजनक बयान देने के लिए 10 करोड़ रुपये के मानहानि का मुकदमा किया है।

इस मामले की सुनवाई के दौरान जेठमलानी और जेटली के बीच तीखी बहस हुई थी। इस दौरान जेटली के लिए ‘धोखेबाज’ शब्द का इस्तेमाल करने के चलते जेटली ने केजरीवाल के खिलाफ 10 करोड़ रुपये का एक और मानहानि का नया दीवानी मुकदमा हाई कोर्ट में दायर किया है।

अब कुल मिलाकर मानहानि की रकम 20 करोड़ रुपए हो चुकी है। इन सभी लोगों ने जेटली पर दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ(डीडीसीए) में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया था। हालांकि, जेटली ने इन आरोपों से इनकार किया है। बता दें कि वर्ष 2000 से 2013 तक जेटली डीडीसीए के अध्यक्ष थे।

 

 

 

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