किसान आंदोलन: कंगना रनौत के खिलाफ कोर्ट पहुंची दिल्ली गुरुद्वारा सिख प्रबंधक कमेटी, की FIR दर्ज किए जाने की मांग

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अपने विवादित बयानो को लेकर मीडिया की सुर्ख़ियों में रहने वाली भाजपा समर्थक बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने के लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। इस याचिका में किसानों पर किए गए विवादित टिप्पणी के लिए अभिनेत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की गई है।

कंगना रनौत

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी ने पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका दाखिल करते हुए कंगना रनौत पर एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि कंगना ने किसान आंदोलन पर टिप्पणी करते हुए किसानों को आतंकवादी तक कह दिया। याचिका में कहा गया है कि कंगना के इस विवादित बयान से किसानों खासकर सिख किसानों का अपमान हुआ है और उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है। इसलिए कोर्ट मामले में दिल्ली पुलिस को धारा 156 (3) के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दे।

बता दें कि, इससे पहले कमेटी ने कंगना रनौत को उनके ट्वीट को लेकर नोटिस भी भेजा था। मालूम हो कि इससे पहले बॉलीवुड एक्‍ट्रेस को कर्नाटक हाई कोर्ट से भी बड़ा झटका लगा था। हाई कोर्ट ने कंगना रनौत के खिलाफ किसानों पर किए गए ट्वीट के मामले पर अदालत द्वारा जारी कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। 9 अक्‍टूबर 2020 को पुलिस को किसान आंदोलन से संबंधित दो ट्वीट करने को लेकर कंगना रनौत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।

कंगना रनौत ने विवादित कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों को आतंकवादी कह दिया था और आंदोलन में शामिल एक बुजुर्ग महिला पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। कंगना ने बुजुर्ग महिला के बारे में अमर्यादित टिप्पणी करते हुए कहा था कि वह 100-100 रुपये में आंदोलन में शामिल होने के लिए उपलब्ध हैं। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने अपने कई ट्वीट डिलीट कर दिए थे जबकि उनके कुछ आपत्तिजनक ट्वीट्स को ट्विटर ने ही डिलीट कर दिया था।

कंगना के विवादित ट्वीट के बाद पंजाब से जुड़े आम से लेकर नामी हस्तियों तक ने कंगना को आड़े हाथों लिया था। इनमें एक नाम एक्टर-सिंगर दिलजीत दोसांझ का भी शामिल था। किसान आंदोलन को लेकर दिलजीत और कंगना के बीच ट्विटर पर काफी गहमा-गहमी देखने को मिली थी, जिसमें दोनों एक दूसरे के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हुए भी नजर आए थे।

बता दें कि, सरकार के नए विवादित कृषि कानूनों के खिलाफ किसान पिछले तीन महीनों से अधिक समय से दिल्ली की सीमाओं सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं। किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन हर बातचीत बेनतीजा ही निकली है। न तो किसान अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार हैं और न ही केंद्र सरकार की कोई हल निकाल पा रही है।

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