उत्तर प्रदेश: ASP ने राष्ट्रपति को भेजा अपना इस्तीफा, कहा- SC-ST कानून को किया जा रहा है कमजोर

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एससी-एसटी एक्ट को लेकर हो रहीं हिंसक घटनाओं से आहत होकर उत्तर प्रदेश के एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भेजा है।

photo- news18

न्यूज़ एजेंसी भाषा की ख़बर के मुताबिक, प्रशिक्षण मुख्यालय में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) पद पर तैनात बी पी अशोक ने ‘भाषा’ को बताया कि उन्होंने अपना हस्तलिखित राष्ट्रपति को संबोधित इस्तीफा सोमवार (दो अप्रैल, 2018) को उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को भेजा है।

राष्ट्रपति को भेजे पत्र में अशोक ने कहा कि देश के मौजूदा हालात से वह काफी आहत हैं। एससी-एसटी कानून को कमजोर किया जा रहा है। संसदीय लोकतंत्र की रक्षा होनी चाहिए।

अशोक ने कहा कि उनकी मांगें पूरी की जाएं अन्यथा उनके इस्तीफे का आवेदन स्वीकार किया जाए। पत्र की एक प्रति प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय को भी भेजी गई है।

बता दें कि, देश कई दलित संगठनों ने अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में सोमवार (2 अप्रैल) को भारत बंद का आह्वान किया था। भारत बंद को कई राजनीतिक पार्टियों और कई संगठनों ने समर्थन भी दिया है। देश भर में दलित संगठनों के प्रदर्शन का आम जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा रहा। देश भर में हुए इस विरोध प्रदर्शन में करीब 10 लोगों की मौत हो गई।

दलित संगठनों की मांग है कि अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 में संशोधन को वापस लेकर एक्ट को पहले की तरह लागू किया जाए। एससी/एसटी ऐक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर दी है।

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