…तो दिल्ली में अब बसों और मेट्रो में महिलाएं को नहीं देगा होगा किराया, केजरीवाल सरकार दे सकती है बड़ा तोहफा

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दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार जल्द ही दिल्ली मेट्रो में महिलाओं को मुफ्त यात्रा करने की सुविधा दे सकती है। बिजली हाफ और पानी माफ योजना को सफलतापूर्वक संचालित करने के बाद अब दिल्ली में अगले साल की शुरूआत में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार महिलाओं को मेट्रो और डीटीसी बसों से मुफ्त में सफर कराने पर विचार कर रही है। इस कदम का उद्देश्य महिलाओं को सार्वजनिक वाहन के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना है।

राज्य के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को नई दिल्ली में एक जनसभा में यह भी कहा कि उनकी सरकार बिजली बिल में ‘‘फिक्स्ड चार्ज ’’को घटाने के लिए शहर के विद्युत विनियामक के साथ बात कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सरकार डीटीसी बसों और दिल्ली मेट्रो में महिलाओं को किराये से छूट देने पर विचार कर रही है ताकि उनकी सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।’’

दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने सभी सार्वजनिक परिवहन बसों (डीटीसी और डीआईएमटीएस) तथा दिल्ली मेट्रो में महिलाओं को किराए से छूट देने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने के लिए बैठकें की हैं। हालांकि, परिवहन विभाग के अधिकारियों ने इस बात का जिक्र किया कि मेट्रो ट्रनों में इसे लागू करने में थोड़ी मुश्किल होगी।

दरअसल, दिल्ली मेट्रो रेल निगम में केंद्र और दिल्ली सरकार 50:50 के अशंधारक साझेदार हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि दिल्ली सरकार से परामर्श किए बगैर दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) ने पिछले साल विद्युत शुल्क का ‘‘फिक्स्ड चार्ज’’ बढ़ा दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘अगले महीने नया शुल्क निर्धारित किया जाना है। हमने डीईआरसी से फिक्स्ड चार्ज को पहले के स्तर पर लाने को कहा है और इस पर उनके राजी होने की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मासिक फिक्स्ड चार्ज 2 किलोवाट तक के लिए 20 रूपये से बढ़ाकर 125 रूपये कर दिया गया। दिल्ली सरकार ऐसे उपभोक्ताओं को सब्सिडी मुहैया करती है। हालांकि, अन्य श्रेणियों में उपभोक्ता अधिक शुल्क देते हैं। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में ‘आप’ ने नौ राज्यों एवं केंद्र शासित क्षेत्रों में 40 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे महज एक सीट पर ही जीत मिल सकी। इस चुनाव में झटका लगने के तुरंत बाद पार्टी ने अगले साल होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारी जोर शोर से शुरू कर दी है। (इनपुट- भाषा के साथ)

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