राफेल के दस्तावेज चोरी होने पर पीएम मोदी पर भड़के CM केजरीवाल, कहा- “ऐसा प्रधानमंत्री देश के लिए बेहद खतरनाक है जो सेना से संबंधित कागज ही गायब करवा दे”

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राफेल लड़ाकू विमान सौदे को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज करने के अपने 14 दिसंबर के फैसले की समीक्षा वाली दो अर्जियों पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार (6 मार्च) को सुनवाई जारी है। इस बीच सुनवाई के दौरान राफेल मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट को जानकारी देते हुए मोदी सरकार बताया है कि राफेल सौदे से संबंधित अहम दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चोरी हो गए हैं, जिसकी जांच की जा रही है।

 

सुनवाई के दौरान बुधवार को सरकार की तरफ से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि रक्षा मंत्रालय से कुछ दस्तावेज किसी कर्मचारी द्वारा चुराए गए थे। इसकी जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि हम रक्षा खरीद जिसमें राज्य की सुरक्षा शामिल है, उससे निपट रहे हैं। यह बहुत ही संवेदनशील मामला है।

वेणुगोपाल ने कहा कि ‘द हिंदू’ अखबार, याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण और अन्य लोग चोरी के दस्तावेजों पर भरोसा कर रहे हैं, जिसके लिए उन्हें आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत अभियोजन का सामना करना पड़ेगा। मामले की सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने कहा कि हम दो प्रमुख अखबारों और एक वरिष्ठ वकील के खिलाफ क्रिमिनल कार्रवाई करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम किसी भी नए दस्तावेज पर सुनवाई नहीं करेंगे। कोर्ट ने यह बात तब कही जब प्रशांत भूषण ने कोर्ट को नया दस्तावेज देने की कोशिश की। फिलहाल, राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई 2 बजे फिर से शुरू होगी। इससे पहले कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल से पूछा कि जो दस्तावेज चुराए गए हैं, उस मामले में सरकार ने क्या कार्रवाई की है। वह दो बजे तक इसे कोर्ट को बताएं।

केजरीवाल का पीएम मोदी पर निशाना

राफेल सौदे से जुड़े दस्तावेज चोरी होने की खबरों पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ट्वीट कर निशाना साधा है। केजरीवाल ने ट्वीट कर लिखा है, “इसका मतलब मोदी जी ने चोरी की है। अब सारे काग़ज़ ग़ायब कर दिए। अगर चोरी नहीं की होती तो काग़ज़ ग़ायब करने की क्या ज़रूरत थी? ऐसा प्रधान मंत्री देश के लिए बेहद ख़तरनाक है जो सेना से सम्बंधित काग़ज़ ही ग़ायब करवा दे।”

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने फ्रांस से 36 राफेल जेट खरीदने की डील की जांच के आदेश देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने जनवरी में राफेल फाइटर जेट की खरीद के मामले में सरकार को क्लीन चिट दिए जाने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार की मांग करते हुए याचिका दायर की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने बीते 14 दिसबंर के अपने फैसले में 36 राफेल जेट की खरीद की डील में जांच की मांग को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने सरकार को क्लीन चिट देते हुए कहा था कि इस डील की प्रक्रिया में कुछ भी संदेहजनक नहीं है। कोर्ट ने कहा था कि राफेल जेट की कीमत और राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉ के ऑफसेट पार्टनर चुनने की उनकी पसंद पर सवाल करना कोर्ट का काम नहीं है।

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