8वीं तक के बच्चों को फेल न करने की व्यवस्था को खत्म करेगी मोदी सरकार, कैबिनेट ने दी मंजूरी

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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आठवीं कक्षा तक के छात्रों को फेल ना करने की नीति खत्म करने को बुधवार(2 जुलाई) को अपनी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने साथ ही देश में विश्व स्तर के 20 संस्थानों के निर्माण की मानव संसाधन विकास मंत्रालय की योजना को भी अपनी मंजूरी दे दी।अब 5वीं और 8वीं क्लास में फेल होने वाले छात्रों को एक और बार परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा, लेकिन ये छात्र अगर दोबारा भी परीक्षा में फेल हो गए तो उन्हें अगली कक्षा में दाखिला नहीं दिया जाएगा। बता दें कि अब तक नो डिटेंशन पॉलिसी के तहत स्कूल आने वाले किसी बच्चे को फेल न करने का प्रावधान है। साथ ही प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक निकाला न जाए।

इसे लेकर बाल निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार संशोधन विधेयक में एक प्रावधान बनाया जाएगा, जिससे राज्यों को साल के अंत में होने वाली परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने पर छात्रों को पांचवीं और आठवीं कक्षा में रोकने की मंजूरी मिल जाएगी। हालांकि, छात्रों को कक्षाओं में रोकने से पहले एक परीक्षा के जरिये सुधार का एक दूसरा मौका दिया जाएगा।

विधेयक अब मंजूरी के लिए संसद में पेश किया जाएगा। बता दें कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के मौजूदा प्रावधान के तहत छात्र परीक्षा में उत्तीर्ण हुए बिना भी आठवीं कक्षा तक बढ़ते जा सकते हैं। यह एक अप्रैल, 2011 को लागू हुए अधिनियम के महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। इसके साथ ही कैबिनेट ने देश में 20 विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थान के निर्माण को भी मंजूरी दे दी।

 

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