राहुल गांधी ने की फरीदाबाद के पीड़ित से मुलाकात; पत्रकार पर नाराज़

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फरीदाबाद के गांव सुनपेड़ा में जहाँ दो मासूम बच्चों को कथित रूप से जला दिया गया था वहां के लोगों का आरोप है की जब उन्होंने पुलिस को धमिकयों के बारे में बताया तो कोई करवाई नहीं की गयी, जिसके बाद ये हादसा हो गया।

यह बात गांव के लोगों ने बुधवार को राहुल गांधी से उनके फरीदाबाद के इस गांव पहुँचने के बाद कही ।लोगों की बड़ी भीड़ ने उनसे मुलाकात करके अपनी समस्याओं को बताया।

गांव वालों ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने पुलिस को धमिकयों के बारे में बताया तो पुलिस ने कोई करवाई नहीं की।

राहुल गांधी ने कहा कि हरियाणा सरकार गरीबों और दलितों की नहीं है । उन्होंने पुलिस के सुस्त करवाई पर प्रश्न खड़े करते हुए कहा कि गांव के लोग चाहते हैं कि ये केस सीबीआई को सौंप दिया जाये।

फरीदाबाद के गांव से निकलते समय राहुल गांधी ने एक पत्रकार के प्रश्न पर अपना आपा खो दिया। प्रश्न यह था की क्या उनका दौरा सिर्फ़ एक फ़ोटो खिचवाने का एक मौक़ा था ।

” ये (सवाल) बेइज़्ज़ती है। मेरी नहीं बल्कि इन लोगों की । आपके कहने का क्या मतलब है की  ये फोटो खिंचवाने का एक मौका है। यहाँ लोग मर रहे हैं, कभी कंही किसी को पीट कर मर दिया जाता है और कहीं जला कर और आपको फोटो शूट लग रहा है । मैं बार बार यंहा आता रहूँगा और कोई मुझे रोक नई सकता है इन लोगों से मिलने से,” राहुल गांधी ने कहा।

https://www.youtube.com/watch?v=i-rr9Kg_URI&feature=youtu.be

गांव के लोगों में अभी भी रोष है और उनका आरोप है कि इतने बड़े हत्याकांड में पुलिस ने अबतक सिर्फ चार लोगों को ही ग़िरफ़्तार किया है ।

जिस वक़्त राहुल गांधी लोगों से मिल रहे थे क़रीब क़रीब उसी वक़्त गांव वालों ने दोनों बच्चोँ के शव सड़क पर रख कर फरीदाबाद-बल्ब्भगढ़ हाईवे को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया ।

faridabad bodies
dead bodies of children who died yesterday.

यह दर्दनाक घटना मंगलवार को हुई थी। फरीदाबाद में एक दलित परिवार पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी गयी जिससे परिवार के दो बच्चों की जान चली गयी।

बुधवार की सुबह सीपीएम नेता वृंदा करात भी पीड़ित पिता से मिलने पहुंची थीं ।

इस भयावह हादसे के बाद हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस हुड्डा ने भी कल परिजनों से मुलाकात कर के अपनी संवेदना व्यक्त की थी ।

हादसे में सम्मिलित चार आरोपियों को पुलिस ने पकड़ कर नामज़द किया है ।

हालांकि गांव के लोगों में अभी भी रोष है और उनका आरोप है कि इतने बड़े हत्याकांड में पुलिस ने अबतक सिर्फ चार को ही ग़िरफ़्तार किया है ।

अभी तक 11 लोगों पर मामला दर्ज हुआ है और सात पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया है।

पीड़ित जीतेन्द्र कुमार की पत्नी रेखा की स्थिति अभी भी सफदरजंग अस्पताल में गंभीर बानी हुई है ।

उनके दो बच्चें, नौ माह की दिव्या और ढाई साल के वैभव की मौत कल दोपहर गंभीर रूप से जलने के कारण हो गयी थी|

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