अमिताभ बच्चन समाज सेवा के नाम पर ये क्या कर बैठे?

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अमिताभ बच्चन आज के दौर का सर्वाधिक विश्वसनीय चेहरा माना जाता है। सभी बड़े ब्रांड अपने उत्पादों को बेचने के लिए उनके चेहरे का सहारा लेते है। पीएम मोदी अपनी योजनाओं को उनके श्रीमुख से कहलवाना पसन्द करते है। अमिताभ बच्चन ये सब चैरिटी के लिए नहीं करते बल्कि एक निश्चित धनराशि वो इस काम के लिए लेते है।

अमिताभ बच्चन

पिछले काफी समय से अमिताभ बच्चन को सोशल मीडिया पर अपनी दब्बू छवि के कारण विवादों का सामना करना पड़ा है। नामी कम्पनियों के उत्पादों को समाज सेवा के नाम पर बेचने के कारण भी अमिताभ को सोशल मीडिया पर काफी विरोध का सामना करना पड़ा है। ताजा मामले में उनका एक विज्ञापन फिर इन दिनों दिखाया जा रहा है जिसमें वो एक एयर कंडिशन को समाज सेवा का नाम लेकर बेच रहे है।

इस विज्ञापन में अमिताभ बेहद फिल्मी अंदाज में दिल को छू लेने वाले सवादों को बोलते हुए कहते है कि बीमारी के साथ लड़ना क्या होता है मैं अच्छी तरह से जानता हूं। जब शरीर बुखार और बीमारी से तपता है तो गर्मी आग बरसाने लगती हैं। फिर अमिताभ बच्चन कहते है कि हमारे देश के अस्पतालों में बीमारी के साथ-साथ गर्मी से भी लड़ना पड़ता है।

इस विज्ञापन में अमिताभ गर्मी को दुनिया की सबसे बड़ी समस्या बताने पर लगे रहते है और आखिर में अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वाह करते हुए कहते है कि अगर आप इस अमुक ब्रांड का एयर कंडिशन खरीदते है तो ये कम्पनी हर एयर कंडिशन में से 100 रूपये देश के अस्पतालों कोएयर कंडिशन भेंट करने में देगी। वह आगे कहते है कि कम्पनी ने ठाना है कि वह ऐसे अस्पतालों को 500 एयर कंडिशन देगी।

अमिताभ बच्चन विज्ञापनों में क्या बोल रहे है काश वह समझ भी पाए कि कम्पनी की इसके पीछे क्या मंशा है। इस कम्पनी के एयर कंडिशन का मूल्य लभगभग तैतीस हजार रूपये है। अगर एक एयर कंडिशन बिकता है तो कम्पनी उसमें से पूरे 100 रूपये निकालकर अलग रख देगी और इंतजार करेगी बाकि के 339 एयर कंडिशन बिकने का तब ही कम्पनी 1 एयर कंडिशन किसी अस्पताल को भेंट करेगी और कम्पनी ऐसे ही 500 एयर कंडिशन भेंट करने की बात करती है।

इसका मतलब ये होता है 339 की गुणा 500 से। आप खुद ही अनुमान लगा लिजिए कि इतनी सेल करने पर कम्पनी 500 एयर कंडिशन देने की बात करती है। क्या ये समाज सेवा के नाम पर सीधे-सीधे मुनाफा कमाने की स्कीम नज़र नहीं आती। अमिताभ क्यूं भूल रहे है कि भारत एक गरीब देश है जहां मरीजों को एयर कंडिशन से पहले बेसिक दवाओं की जरूरत है वो भी उनको पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है।

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