नासा की खीचीं 16 लाख किलोमीटर से धरती की बेहद शानदार तस्वीर

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नासा ने पहली बार 16 लाख किलोमीटर की दूरी से सूर्य के प्रकाश में सराबोर पृथ्वी की पहली अनूठी तस्वीर को कैद किया है। इसके बाद, अमेरिका के राष्ट्रपति ने ट्वीट करके पृथ्वी को बचाने की जरूरत पर बल दिया।
डीप स्पेस क्लाईमेट अब्जर्वेटॅरी उपग्रह पर लगाए गए नासा के अर्थ पॉलिक्रोमेटिक इमेजिंग कैमरा (ऐपिक) से ली गई तीन अलग-अलग तस्वीरों को मिलाकर फटॉग्रफी के स्तर की इस रंगीन तस्वीर को बनाया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने ऑफिशल ट्विटर पेज पर लिखा, “नासा से एक नई नीले संगमरमर की तरह एक चमचमाती फोटो मिली है। यह हमें याद दिलाती है कि हमें इस ग्रह को बचाने की जरूरत है जो हमारे पास है।”

डीएससीओवीआर उपग्रह ने छह जुलाई को यह नई तस्वीर ली थी। इस उपग्रह पर पॉलिक्रोमैटिक इमेजिंग कैमरा (ईपीआईसी) लगा हुआ है। ईपीआईसी ने इंफ्रारेड से अल्ट्रावायलेट लाइट तक पृथ्वी की 10 अलग-अलग तस्वीरें खीची हैं।

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इन तस्वीरों में पृथ्वी पर रेगिस्तान, नदियां और बादल सभी कुछ साफ नजर आ रहे हैं। नासा इन तस्वीरों का इस्तेमाल पृथ्वी के वायुमंडल में ओजोन की परतों को मापने में करेगा।
नासा ने कहा है कि 6 जुलाई को ली गई इस तस्वीर में मरुभूमि, नदी व्यवस्था और जटिल बादल पैटर्न को देखा जा सकता है।

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नासा के प्रशासक चार्ली बोल्डन ने एक बयान में कहा, “डीएससीओवीआर से ली गई हमारी ग्रह की इन तस्वीरों से अंतरिक्ष से पृथ्वी के अवलोकन का लाभ मिलता है।” इससे पृथ्वी पर धूल और ज्वालामुखी राख का वितरण दिखाने के लिए नक्शों के निर्माण में भी मदद मिलेगी।

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