16 अक्टूबर को गुजरात दौरे पर जा रहे हैं PM मोदी, इसलिए चुनावी तारीखों का नहीं हुआ ऐलान: कांग्रेस

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चुनाव आयोग ने गुरुवार(12 अक्टूबर) को हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फेंस कर कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में नौ नवंबर को मतदान और 18 दिसंबर को मतगणना कराने का फैसला किया है। साथ ही गुजरात में इस साल जुलाई में आई बाढ़ के बाद शुरू किये गये राहत कार्य अभी पूरे नहीं हो पाने के कारण राज्य में विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा आयोग बाद में करेगा।मुख्य निर्वाचन आयुक्त ए के जोती ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में विधानसभा का कार्यकाल अगले साल सात जनवरी को और गुजरात में 22 जनवरी को पूरा हो रहा है। दोनों राज्यों में एक साथ चुनाव कराने की अपेक्षा को नकारते हुए जोती ने कहा कि गुजरात में भी 18 दिसंबर से पहले ही मतदान करा लिया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश में गुरुवार को चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही चुनाव आचार संहिता भी लागू हो गयी। अब केन्द्र या राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के लिये कोई बड़ी सरकारी योजना की घोषणा नहीं कर सकेंगी। राज्य की 68 सदस्यीय विधानसभा में साारूढ़ कांग्रेस के 35 और मुख्य विपक्षी दल बीजेपी के 28 विधायक हैं। जबकि चार निर्दलीय विधायक हैं।

राज्य में 13वीं विधानसभा के लिये 16 अक्टूबर को चुनाव की अधिसूचना जारी होने पर नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नामांकन की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर है। नामांकन पत्रों की जांच 24 अक्टूबर को होगी और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर है। इसके बाद एक चरण में नौ नवंबर को मतदान और 18 दिसंबर को मतगणना होने के बाद 20 दिसंबर को चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

गुजरात चुनाव की घोषणा नहीं होने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

हालांकि, हिमाचल प्रदेश के साथ गुजरात चुनाव चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं होने से विपक्षी पार्टियों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 अक्टबूर को गुजरात जाने वाले हैं, इसलिए चुनाव आयोग ने अभी तारीखों का ऐलान नहीं किया, क्योंकि ऐसे में चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी और प्रधानमंत्री लोक लुभावन घोषणाएं नहीं कर पाएंगे।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक वीडियो जारी कर कहा कि, क्या गुजरात चुनाव के तारीखों का एलान इसलिए नहीं किया गया, क्योंकि प्रधानमंत्री पीएम मोदी 16 अक्टूबर को गुजरात के दौरे पर जा रहे हैं और अगर चुनाव की तारीखें घोषित हो जाती तो फिर आचार संहिता लागू हो जाती।

सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री एक फर्जी सांता क्लॉज के तौर पर 16 अक्तूबर को गुजरात जा रहे हैं ताकि ऐसी लोक लुभावन घोषणाएं कर सकें और ऐसे जुमलों का इस्तेमाल कर सकें जो उन्होंने लागू नहीं किए। कांग्रेस प्रवक्ता ने वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि अब यह साफ है कि हिमाचल के साथ गुजरात चुनाव के कार्यक्रमों की घोषणा टालने के लिए मोदी सरकार और बीजेपी चुनाव आयोग पर दबाव डाल रहे हैं, ताकि उनके राजनीतिक हित पूरे हो सकें।

चुनाव आयोग ने दी सफाई

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ए के जोती ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में विधानसभा का कार्यकाल अगले साल सात जनवरी को और गुजरात में 22 जनवरी को पूरा हो रहा है। दोनों राज्यों में एक साथ चुनाव कराने की अपेक्षा को नकारते हुए जोती ने कहा कि गुजरात में भी 18 दिसंबर से पहले ही मतदान करा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुजरात में इस साल जुलाई में आई बाढ़ के बाद शुरू किये गये राहत कार्य अभी पूरे नहीं हो पाने के कारण राज्य में विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा आयोग बाद में करेगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि गुजरात के मुख्य सचिव ने आयोग से अनुरोध किया है कि राज्य में इस साल जुलाई में भीषण बाढ़ के बाद शुरू किया गया राहत अभियान अभी पूरा नहीं हुआ है। जोती ने बताया कि मुख्य सचिव ने राहत अभियान का काम पूरा करने के लिये आयोग से गुजरात विधानसभा चुनाव कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश के साथ घोषित नहीं करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत अभियान और अन्य कारणों से गुजरात विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।

गुजरात सरकार को चुनाव आचार संहिता लागू होने से बचाने के लिये हिमाचल प्रदेश के साथ गुजरात का चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं करने के सवाल पर जोती ने कहा कि ऐसी कोई स्थापित परंपरा नहीं है जिसमें एक ही महीने के भीतर विधानसभाओं के कार्यकाल पूरे होने वाले राज्यों में चुनाव कार्यक्रम एक साथ घोषित किये जाते हों। उन्होंने कहा कि इससे पहले साल 2002, 1993 एवं 1994 में भी गुजरात और हिमाचल प्रदेश में अलग अलग चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया था।

 

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