रॉबर्ट वाड्रा को विशेषाधिकार हनन का नोटिस, सांसदों पर कॉमेंट करके फंस गए

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तीन दिन से कांग्रेस के बीजेपी के टॉप लीडर्स के इस्तीफ़े की माँग को लेकर संसद न चलने देने पर बीजेपी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सोनिया गांधी के दाामद रॉबर्ट वाड्रा को निशाने पर ले लिया है । रॉबर्ट वाड्रा की ओर से मंगलवार को फेसबुक पर की गई टिप्पणी पर लोकसभा में उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया गया।

वाड्रा ने 21 जुलाई को फेसबुक पर संसद सत्र के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा था, “संसद शुरू हो गई है और साथ ही शुरू हो गई है उनकी क्षुद्र विभाजनकारी राजनीति। भारत की जनता बेवकूफ नहीं है, खेद है कि भारत का नेतृत्व ऐसे तथाकथित नेता कर रहे हैं”|

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लोकसभा में बीजेपी सांसद अर्जुन मेघवाल ने रॉबर्ट वाड्रा के फेसबुक पोस्ट पर सवाल उठाया और कहा कि यह संसद का अपमान है। उन्होंने नोटिस देते हुए इस पर बोलने का समय मांगा, जिसके चलते सदन में जबरदस्त हंगामा हुआ और कार्यवाही सवा 12 बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। शून्यकाल में बीजेपी के प्रह्लाद जोशी ने वाड्रा की टिप्पणी को संसद पर हमला बताते हुए कहा कि इससे संसद की गरिमा को ठेस पहुंची है। उन्होंने मांग की कि वाड्रा को तुरंत सदन में बुलाकर उन्हें उनकी टिप्पणी के लिए दंडित किया जाए। उन्होंने इस मामले को विशेषाधिकार समिति को भेजे जाने की मांग की।

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सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा कि वाड्रा सदन के सदस्य नहीं हैं, इसलिए जोशी की टिप्पणी को कार्यवाही से निकाला जाए। सदन में मौजूद सोनिया गांधी, जोशी की इस टिप्पणी पर उद्वेलित नजर आईं और अपनी पार्टी के सदस्यों से कुछ कहती देखी गईं। कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने भी कहा, “वाड्रा संसद सदस्य नहीं हैं। बीजेपी को संसद पर भरोसा नहीं है। वे विवाद चाहते हैं, तानाशाही चाहते हैं। यह मूर्खतापूर्ण है और इसका कोई आधार नहीं है।“

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