Modi government declines RTI request on names of Z+ VVIPs

2

An RTI seeking the names of people who have been provided Z+ security cover in India has been turned down by the government and the total expense incurred in this regard by various security agencies is also not estimated.

An Ahmedabad-based RTI activist has asked the government to provide this information via an online request while also asking them to reveal the total number of security guards for the said persons with Z+ cover.

rtireply1

Although the reply from the government did reveal that the number of protectees in the Central List in Z plus category was 31, no information of who these people were was disclosed.

Jantakareporter.com had recently carried reports of how several RTI requests seeking security for Amit Shah, educational qualifications of PM Modi and payment to Amitabh Bachchan for endorsing an LIC scheme were all turned down by the government.

Another RTI reply revealed that despite having allocated Rs 4000 crore for Prime Minister Narendra Modi’s pet Namami Gange project, the central government has not spent a single penny towards cleaning the river Ganga in the first quarter of this financial year.

The Narendra Modi-led BJP government has faced a lot of criticism for providing Z+ security cover to RSS chief Mohan Bhagawat and BJP MLA Sangeet Som (accused in Muzaffarnagar riots) among others. Another Muzaffarnagar riots accused Prachi had also demanded Z+ cover for her protection citing threats to her life.

 

2 COMMENTS

  1. ARROGANT BJP IGNORING CONSTITUTIONAL RIGHTS OF INDIAN CITIZENS :-
    Although RTI reply revealed that despite having allocated Rs 4000 crore for Prime Minister Narendra Modi’s pet Namami Gange project, the central government has not spent a single penny towards cleaning the river Ganga in the first quarter of this financial year …………………..

    Government spent Rs 43.8 lakh on ONE Clean Ganga meeting
    By MAIL TODAY REPORTER
    PUBLISHED: 05:44 GMT, 1 November 2014 | UPDATED: 05:44 GMT, 1 November 2014
    Read more: http://www.dailymail.co.uk/indiahome/indianews/article-2816577/Government-spent-Rs-43-8-lakh-ONE-Clean-Ganga-meeting.html#ixzz3fyEmmjJv
    Follow us: @MailOnline on Twitter | DailyMail on Facebook

  2. rajesh kumar
    @Rajeshkumar2210

    @Samajwadivision SATTA IKARARNAMA WO MRITAK KAY BAYAN PAI NAMANTARAN KI PRIKRIYA KI GAI UP C.M KA ADASH LAMMITpic.twitter.com/vLhSE4Cq73 – Mar 24

    Samajwadi Vision
    @Samajwadivision

    @Rajeshkumar2210 आप की समस्या क्या है कृपया थोरा विस्तार मे बताएँ

    05:48 AM – 25 Mar 15

    Reply to @Samajwadivision
    Retweet Favorite

    सेवा में,
    माननीय मुख्यमंत्री महोदय,
    लखनऊ (उ०प्र०)
    विषय- सट्टा इकरारनामा व मृतक व्यक्ति के बयान पर नामान्तरण की प्रक्रिया की गयी है.
    सन्दर्भ- @samajwadivision के ट्विट आइ०डी० पर २४ मार्च २०१५ को @rajeshkumar2210 के ट्विटपर २५ मार्च २०१५ को अपने ट्विट कर पूछा कि आप कि समस्या क्या है? थोरा विस्तार से बताएँ के सन्दर्भ में-माननीय महोदय,
    मैनें एक प्रार्थना पत्र 06/06/2014को १९/१२/२०१३ के सन्दर्भ में जो कि जिला अधिकारी वाराणसी को लिखा था जिसपर कोई कार्यवाही नही की गयी थी के सन्दर्भ में आपके कार्यालय को भेजा और RTI ACT के तहत यह जानकारी प्राप्त करना चाहा की सट्टा इकरारनामा व मृतक व्यक्ति की बयान पर नामान्तरण की प्रक्रिया कैसे की गयी है. आपके कार्यालय से एक पत्र १७/०६/२०१४ को मिला जिसमें धारा 6(3) के अंतर्गत यह आदेशित व निर्देशित था कि प्रार्थी को सूचना से अवगत करते हुए निदेशालय को को भी अवगत कराए जाने का निर्देश था लेकिन मुझे किसी सूचना से अवगत नही कराया गया तब मैने २०/०१/२०१५ को पुनः एक प्रार्थना पत्र को आप के कार्यालय को भेजा और आप के कार्यालय से आपके कार्यालय को अवगत कराए गये, पत्र के फोटो कॉपी की माँग की गयी लेकिन आप के कार्यालय से से भी उत्तर नही मिला क्योंकि जब निर्देशाल को सूचना से अवगत ही नही कराया था तो निर्देशाल हमें क्या सूचना की फोटो कॉपी उपलब्ध कराते सो उस पत्र पर धारा 6(3) के अंतर्गत सूचना उपलब्ध कराए जाने की जानकारी पत्र द्वारा मिला क्या? इससे यह प्रतीत होता है की जब अधिकारी मुख्यमंत्री कार्यालय को को सूचना से अवगत नहीं करा पाए तो आम आदमी को सूचना से क्या अवगत कराएँगे.
    २. तब मैने @samajwadision पर २४ मार्च २०१५ को एक ट्विट किया सट्टा इकरारनामा व मृतक के बयान पर नमंतरण की कार्यवाही की गयी है. U.P.C.M. आदेश लंबित
    ३. जिस पर आपने २५मार्च२०१५ को ट्विट कर के पूछा की आप की समस्या क्या है? थोरा विस्तार में बताएँ.
    ४. तब मैने नमंतरण की गयी फाइल की जाँच की माँग की और उसका पता भी दिया जो की ये था- पता- न्यायालय श्रीमान नायब तहसीलदार
    सी लिंग वाराणसी
    मु० स० ७१६/१०३४
    राजेंद्र प्रसाद बनाम दुर्गा प्रसाद
    दफ़ा-३४ आर०एल० एक्ट
    तारीख फ़ैसला २४/०७/२००६
    ग्राम- जलालीपट्टी, परगना देहात अमानत
    तहसील सदर जिला- वाराणसी
    अतः माननीय महोदय से प्रार्थी निम्न जानकारी प्राप्त करना चाहता है.
    – प्रार्थी द्वारा दिया गया फ़ाइल के पाते पर क्या आपने फ़ाइल की जाँच कराई यदि नही तो क्यों? और इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है
    – प्रार्थी पत्रावली कहाँ पर व किस अधिकारी महोदय के यहाँ लंबित है और क्यों अवगत कराएँ.
    प्रार्थी
    राजेश कुमार वर्मा
    S/O भोनू राम वर्मा
    ग्राम-जलालीपट्टी नई बस्ती, पो०-भुल्लनपुर पी०ए०सी०
    जिला- वाराणसी
    उत्तर प्रदेश
    पिन-221108
    मोब० 8090952932

LEAVE A REPLY