कामयाब विवाहित जीवन के अहम नुस्खे

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ऋचा वार्ष्णेय

हम आये दिन तलाक के बारे में सुनते हैं, बड़ा अजीब लगता है कि जो 2 लोग अपने प्रेम के लिए समाज से लड़कर सारी मुसीबतों को पार कर शादी करते हैं फिर वो तलाक कैसे कर लेते हैं? क्या उनका प्यार झूठा था या ये लड़ाई या कलह झूठी है आखिर क्यों?

विवाह /शादी /निकाह

एक ऐसा रिश्ता जो खून का तो नहीं, पर कहा जाता है आसमाँ से बनकर आया है तो क्या आसमाँ से तलाक भी आते हैं?

एक ऐसा रिश्ता जिसको पोधे की तरह हर दिन प्यार, देखभाल, अपनेपन से सींचा जाता है और वक़्त के साथ दुःख सुख की धूप छाँव को सहता है और भी मज़बूत होता जाता है।

एक ऐसा रिश्ता नही जो आपके बचपन में मिला हो, इसे हम बनाते हैं इसलिए शायद हम ही इसे तोड़ भी लेते हैं।

ये छोटी सी चोट से भी टूट जाता है और जरुरत पड़ने पर चट्टानों से भी ज्यादा मज़बूती से खड़ा रहता है अपने साथी के लिए।

अगर हम इन् निम्नलिखित बातों का ध्यान रखे तो इस ख़ूबसूरत रिश्ते को जिंदगी भर निभा सकते हैं।

कटाक्ष

कटाक्ष ने बड़े बड़े घरो को तोडा है, राम और सीता विश्व में प्रेम के प्रतिक हैं। श्री राम ने सीता जी के लिए सात समुन्दर पार करके रावण से युद्द कर अपने प्रेम को पुनः पाया और एक धोबी के कटाक्ष ने सीता जी को गर्भावस्था में जंगल में रहने के लिए मज़बूर कर दिया।

उनके प्रेम में कमी नहीं आई पर इसने दो प्रेमियों को अलग जरूर कर दिया। एक व्यंग किसी के ह्रदय को कितना आघात पहुंच सकता है इससे बड़ा उदाहरण क्या होगा।

अगर कभी भी कोई आप का सम्बन्धी, परिचित या आपका मित्र आप के जीवनसाथी पर व्यंग करे तो इसको न टाले बल्कि अपने जीवन संगी का साथ देते हुए रोक दे। इससे न सिर्फ आपने प्रेम का मान रखा बल्कि अपने जीवन संगी की नज़रो में अपना स्थान भी बना लिया क्यूंकि कटाक्ष करने वाला व्यक्ति परिस्थिति को न समझकर बस खुद को आनंदित करने के लिए कहता है. ये छोटी छोटी बातें कब बड़ा नासूर बन कर आपके सम्बन्धो में दर्द दे दे ये आपको पता भी नहीं चलेगा।

अपने साथी एवं अपने विवाह को सम्मान दे नाकि अपनी मित्र मंडली या रिश्तेदारो में अपने जीवन साथी का मजाक उड़ाए।

समय

सत्य ये है कि सम्बन्धो को सिवाय अपनेपन एवं समय से अधिक कुछ भी नही चाहिए, साथ होने की ख़ुशी सर्वोपरि होती है।

आजकल के स्मार्टफोन्स ने लोगों को साथ रहते हुए भी दूर कर दिया है, साथ होते हुए भी वो परायो के कब ज्यादा करीब हो जाते हों पता ही नहीं चल पाता। बड़ी बड़ी महत्पूर्ण बातें भी रुक जाती है इन् नोटिफिकेशन इन अलेर्टो से।

नजरिया

आप ख़ुशी दाम्पत्य जीवन जी सकते हैं बस जरूरत है समय की और दूसरे के नज़रिये को सम्मान देने की।

कभी पैसे या भौतिक सुखो को कारण न बनने दे क्यूंकि ये चीज़े आती जाती रहेगी।

विश्वास

ये कभी कहने से नही बल्कि हमारे व्यवहार में होता है, इसका मतलब ये नही कि आप शक्की हो या अँधा विश्वास करे दोनों ही परिस्थिति दुखद है

शारीरिक फिटनेस

कहा जाता है कि प्रेम ह्रदय से होता है शारीरक सुंदरता की इसमें कोई जगह नही परन्तु ये न भूले कि सुंदर मन के साथ अगर सुडोल शरीर भी हो तो न सिर्फ व्यक्ति को आकर्षित बनाता है बल्कि उसमे आत्म विश्वास भी भर देता है इसलिए हमारा फिटनेस हमारे स्वास्थ्य कि दृष्टि अतिआवश्यक है और हमारे व्यक्तित्व एवं रिश्ते को भी ख़ूबसूरत बनाता है

समर्पण एवं अहम /क्रोध

जब तक आपमें समर्पण कि भावना नही आएगी प्रेम वहां कभी उत्पन् नही हो सकता क्यूंकि प्रेम के लिए आत्म सम्मान नही अपितु अहम को त्यागना होता है और जिस भी रिश्ते में अहम नही होता वह रिश्ता जिंदगी भर सुख पूर्वक चलता है।

सहनशीलता

शालीन रहकर सहने को सहनशील कहा जाता है। हर रिश्ते की नीव होती है सहनशीलता
परन्तु इसका ये अर्थ कभी नही कि आप गलत बात और मांग करे या कि शारीरक या पीड़ा सहे।

इस हालत में आप अपने आत्मसम्मान को छलनी कर रहे है। जब पानी सिर से ऊपर हो जाये और प्रेम के रिश्ते शूल से भी अधिक दर्द दे तो उन् रिश्तो से दूरी बना लेनी चहिये

बातचीत

हर रिश्ते की शुरुआत होती है बातचीत से, विचारो के आदान प्रदान से, तो कोई भी स्थिति हो बातचीत न छोड़े वर्ना गलफहमी होने के कारण रिश्ते छूट जाने कि स्थिति बन जाती है।

ध्यान रहे आपके बनाये हुए या टूटे हुए रिश्तें किसी को छलनी न करे और कोशिश करे कि अपने रिश्ते को प्यार से सीँचे क्यूंकि प्रेम से बनाये रिश्ते कभी टूटते नही हैं।

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