मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया का अचानक पदोन्नति पर सवाल खड़े हुए

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शीना बोरा मर्डर केस की जांच कर रहे मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया को डीजी (होमगार्ड) बना दिया गया है। मारिया के जगह अब अहमद जावेद को मुंबई का नया कमिश्नर बनाया गया है। जबकि राकेश मारिया का कार्यकाल बतौर कमिश्नर 30 सितंबर तक था। ऐसे में कुछ दिन पहले पदोन्नति मिलना और उनको अपने पद से हटाने को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। और सवाल उठे भी क्यों नहीं जब शीना मर्डर मिस्ट्री से मीडिया में कोहराम मचा हुआ हो। नियमों के मुताबिक, सरकार अगर चाहती तो मारिया को डीजी पोस्ट पर प्रमोशन देकर भी मुंबई का कमिश्नर बनाए रख सकती थी।

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क्या कहीं ऐसा तो नहीं कि मारिया शीना मर्डर केस में आरोपियों से खुद पूछताछ करते हैं। और उन्होंने कहा भी था कि वह मुंबई कमिश्नर का कार्यकाल पूरा करने से पहले इस केस को सुलझा भी लेंगे और इसे वे आरुषि नहीं बनने देंगे।

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रिपोर्टों के मुताबिक कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि सीएम देवेंद्र फड़णवीस मारिया से नाराज चल रहे थे और फडणवीस ने कथित तौर पर कहा था कि पुलिस जितना ध्यान शीना मर्डर केस में लगा रही है, उसे उतना ही ध्यान दूसरे मामलों में देना चाहिए।

मारिया बहुत ही विवादित अधिकारी रहे हैं जिसमें आईपीएल में करोड़ों रुपए के घोटाले के आरोपी ललित मोदी और राकेश मारिया की लंदन में हुई मुलाकात की एक फोटो भी शामिल है। 1981 बैच के आईपीएस अफसर राकेश मारिया ने डीसीपी ट्रैफिक रहते हुए 1993 के मुंबई धमाकों का केस सुलझाया था। बाद में उन्हें डीसीपी क्राइम और फिर ज्वाइंट सीपी क्राइम बनाया गया। साथ ही मारिया का योगदान 26/11 केस में भी अहम था।

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