10वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा के बाल विवाह को जिला प्रशासन ने रोका

0
मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के लखनादौन में 10वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा का बाल विवाह जिला प्रशासन ने समझा-बुझाकर रूकवा दिया।
समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार लखनादौन एकीकृत महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी राजश्री मेश्राम ने आज बताया कि सूचना मिली थी कि अयोध्या बस्ती के रहने वाले तामसिंह डहेरिया की 16 वर्षीय पुत्री के विवाह की तैयारियां चल रही हैं।
उन्होंने बताया कि होशंगाबाद जिले के घोघरी गांव के निवासी 25 वर्षीय दूल्हे से नाबालिग छात्रा का विवाह तय हुआ था और 26 अप्रैल को वर पक्ष बारात लेकर लखनादौन पहुंचने वाले थे।
उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने वधु पक्ष के घर पहुंचकर छात्रा के जन्म संबंधी दस्तावेज का मिलान किया। इस पर बालिका की उम्र 15 साल 7 माह पाई गई। मेश्राम ने बताया कि परिवारजनों ने तर्क दिया कि दाखिले के वक्त स्कूल में बालिका की उम्र कम दर्ज कराई गई है, परन्तु अधिकारियों ने इस तर्क को मानने से इंकार कर दिया।
उन्होंने बताया कि समझा-बुझाकर माता-पिता से नाबालिग पुत्री का विवाह स्थगित करने संबंधी शपथपत्र भरवाकर विवाह को रोक दिया गया।
देश में 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के और 18 साल से कम आयु की लड़की की शादी बाल विवाह की श्रेणी में आती है, जो कानूनन अपराध है।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के तहत दोषी को दो वर्ष तक के सश्रम कारावास अथवा एक लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों सजाओं का प्रावधान है।

Also Read:  शादी से पहले सेक्स करने पर आपको झेलनी पड़ सकती है यह परेशानियां

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here