DCW intervenes to close down liquor vend

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The efforts of Delhi Commission for Women (DCW) have led to the closure of a liquor vend in New Usmanpur area of east Delhi.

DCW
The Resident Welfare Association (RWA) had sent a complaint to the Commission requesting for the closure of the liquor vend.

The residents complained that incidents of molestation, petty fights and chain snatching had increased in the area because of the liquor vend, adding many anti-social elements were also seen gathering in the area.

They said the vend was also restricting the movement of women in the area.

DCW member Promila Gupta wrote to the DCP and SDM concerned as soon as she received the complaint, requesting them to close down the liquor vend.

DCP (North) has informed the women’s body that they have taken action on the complaint and shut down the liquor vend.

Gupta said the DCW has received a lot of complaints against such liquor vends from various parts of the city. She added that action has been taken against most of these and a few vends were closed last year as well.

1 COMMENT

  1. Bhagawana Ram Upadhyay
    June 21, 2014 ·

    निहालचंद पर आरोप लगाने वाली महिला की कहानी
    आभा शर्मा
    बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
    शनिवार, 21 जून, 2014 को 18:07 IST तक के समाचार
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    मोदी सरकार में रसायन और उर्वरक राज्यमंत्री निहाल चंद मेघवाल सहित 17 लोगों को दुष्कर्म के एक मामले में अदालत में पेश होने का समन मिलने के बाद राजनीति गरमा गई है.
    विपक्षी कांग्रेस सहित महिला संगठन लगातार मेघवाल से इस्तीफ़ा मांग रहे हैं.
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    इस मामले में भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई मेघवाल के समर्थन में खड़ी है और मेघवाल भी हाल ही में अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे के दौरान इस्तीफ़ा देने से इनकार कर चुके हैं.
    आभा शर्मा ने आरोप लगाने वाली महिला से बात की.
    शादी होते ही शोषण
    इस महिला ने इन दिनों श्रीगंगानगर में अपने मामा के यहां पनाह ले रखी है. उन्होंने बताया कि वह हरियाणा के अबूशहर में जन्मी थीं और एक खेतिहर परिवार से हैं.
    अपने पिता की साल 2000 में मृत्यु के समय वह महज़ 6-7 साल की थीं. पिता की मौत के बाद उनकी मां का नाता उसके चाचा के साथ हुआ और उन्होंने ही उनका और उनकी दो बहनों का लालन-पालन किया और सीनियर सेकंडरी तक पढ़ाया.
    उनका आरोप है कि हनुमानगढ़ के पीलीबंगा निवासी ओमप्रकाश गोदारा से 20 दिसंबर, 2012 को उनकी शादी होने के बाद उनका शोषण शुरू हो गया.
    निहाल चंद मेघवाल
    इस महिला के मुताबिक़ शादी से पहले गोदारा ने खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताया था पर जयपुर आने के बाद उन्हें पता लगा कि “उनके पति की राजनीति में बहुत आगे जाने की इच्छा है. इसलिए वह अपनी पत्नी का इस्तेमाल अपने कथित राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए करने लगे.”
    वह कहती हैं कि गोदारा अखिल भारतीय युवा जाट महासभा सहित कुछ अन्य तीन चार संस्थाओं के सदस्य हैं.
    “ओमप्रकाश गोदारा ने इससे पहले पंजाब के रामपुर गांव की लड़की से शादी की थी और उसके साथ भी वही सब कुछ हुआ, जो मेरे साथ हुआ.”
    पीड़िता
    इस महिला ने बताया कि उन्हें करीब आठ-नौ महीने तक घर में बंद रखा गया और मायके वालों से भी मिलने भी नहीं दिया गया. जब उनके परिजन बार-बार ज़ोर देने पर उन्हें ले जाने आए, तो गोदारा ने पीड़िता के चाचा से भी बदसलूकी की. इसके बाद इस महिला को अदालत की शरण लेनी पड़ी.
    ‘मैं भी चुप रहती तो..’
    इस महिला के अनुसार उनके पति ओमप्रकाश गोदारा ने इससे पहले पंजाब के रामपुर गांव की लड़की से शादी की थी और उसके साथ भी वही सब कुछ हुआ, जो इस महिला के साथ हुआ.
    इनका दावा है कि गोदारा की पहली पत्नी के मायके वाले उसे अपने साथ ले जाने में सफल रहे, लेकिन उन्होंने मामले को उठाया नहीं.
    राजस्थान महिला
    यह महिला कहती हैं, “मैं भी अगर बात दबा देती, तो शायद एक और लड़की की ज़िंदगी ख़राब होती…”
    अपने ख़िलाफ़ दुष्कर्म की शिकायत और एफ़आईआर दर्ज कराने में भी इस महिला को कई मुश्किलें पेश आईं. वह कहती हैं कि काफ़ी प्रयास के बाद उन्होंने नवंबर 2011 में अपने पति द्वारा नशीला पदार्थ खिलाकर देह शोषण करवाने की शिकायत दर्ज करवाई.
    इस महिला के अनुसार बाद में पुलिस ने मामला झूठा बताते हुए इसमें 2012 में एफ़आर पेश कर दी जिसे अधीनस्थ अदालत ने मंज़ूर भी कर लिया था.
    इस मामले में राजस्थान से मोदी सरकार में एकमात्र मंत्री निहाल चंद सहित राज्य भाजपा के पूर्व मंत्री जोगेश्वर गर्ग, राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह सहित कुल 17 लोग अभियुक्त हैं, जिनमें कुछ पुलिस अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं.

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