रक्षा मंत्रालय का सेना को निर्देश: बंद हो बफेलो स्लॉटर की परंपरा

0
>

रक्षा मंत्रालय ने सेना से कहा है कि वह अपनी तमाम इकाईयों में बफेलो स्लॉटर की परंपरा को बंद करें। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह से कुर्बानी के लिए पशु वध कानून के खिलाफ है।

दशहरा के दौरान सेना के कुछ इकाईयों में मेल बफेलो (रैंगो) का सिर काटने की परंपरा है। यह गोरखा परंपरा के तहत किया जाता है।

Also Read:  नोटबंदी 8 लाख करोड़ का घोटाला है, इसका समर्थन केवल बेईमान लोग कर रहे हैंः अरविंद केजरीवाल

एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि इसमें कोई शक नहीं है कि यह पुरानी परंपरा है, लेकिन यह भारतीय कानून के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि पशु वध की ऐसी परंपरा निर्दयता पूर्ण है जो कि पशु वध कानून के खिलाफ है।

दशहरा में मंत्रालय के तरफ से इसलिए यह नोटिस भेजा गया था जिससे कि दशहरा में गोरखा इकाई में बफेलो का वध न किया जाय।

Also Read:  अरुण जेटली को दिया गया रक्षा मंत्रालय, मनोहर पर्रिकर का इस्तीफा मंजूर

रिपोर्ट में मंत्रालय के तरफ से कहा गया है कि हो सकता है कि कुछ लोग इस परंपरा को चलाना चाह रहे होंगे लेकिन इसके लिए नियम नहीं तोड़े जाना चाहिए और इसके लिए पशु को सरकारी मान्यता प्राप्त स्लॉटर में ले जाया जाना चाहिए।

Also Read:  मनोहर पर्रिकर के बयान का रक्षा मंत्रालय ने किया खंडन, कहा रक्षा सम्बन्धी नीतियों में नहीं होगा फेरबदल 

वहीं गोरखा रेजिमेंट में रह चुके मेजर जनरल (रिटायर्ड) अशोक के. मेहता ने कहा है कि यह निर्देश स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश आर्मी में गोरखा सैनिकों ने बहुत पहले यह परंपरा छोड़ दी थी।

अभी कुछ दिन पहले ही दिल्ली के केरला हाउस में भी बीफ विवाद सामने आया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here