बिहार की 15वीं विधानसभा भंग, नीतीश जद (यू) विधायक दल के नेता चुने गए

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बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की भारी मतों से जीत के बाद शनिवार को राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर उन्हें मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया और 15वीं विधानसभा भंग करने की अनुशंसा की।

इसके बाद राज्य में सत्तारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) के नवनिर्वाचित विधायकों की एक बैठक में उन्हें विधायक दल का नेता चुन लिया गया। राज्यपाल कोविंद से मुलाकात के बाद नीतीश ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने राज्यपाल से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया और 15वीं विधानसभा भंग करने के राज्य मंत्रिमंडल के फैसले से अवगत कराया। राज्यपाल ने उन्हें राज्य में नई सरकार बनने तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहने को कहा है।

इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में यहां मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसमें राज्यपाल से 15वीं विधानसभा को भंग करने की अनुशंसा से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

नीतीश की राज्यपाल से मुलाकात और उन्हें इस्तीफा सौंपे जाने के करीब दो घंटे बाद जद (यू) के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक हुई, जिसमें उन्हें विधायक दल का नेता चुन लिया गया।

जद (यू) के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, “अब यह औपचारिकता भी पूरी हो गई।”

नीतीश 20 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। उनके साथ 36 सदस्यीय मंत्रिपरिषद के सदस्य भी शपथ लेंगे।

उल्लेखनीय है कि 243 सदस्यीय राज्य विधानसभा के चुनाव में महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) 80 सीटों पर जीत के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, जबकि जद (यू) ने 71 सीटों पर जीत दर्ज की है और कांग्रेस के खाते में 27 सीटें आई हैं।

जद (यू) सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल में 16 मंत्री लालू प्रसाद के राजद से, 15 मंत्री जद (यू) से और पांच मंत्री कांग्रेस से होंगे।

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