Appeal authority too declines RTI application on PM Modi’s degrees

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Less than a fortnight after his RTI request for the PM Modi’s educational qualification was turned down, a Gujarat based activist filed an appeal against the decision. But the appellate body’s decision has ‘shocked’ him ‘even more.’

The RTI activist told jantakareporter.com, “I don’t know what was more amusing, the original response or the response I’ve now received from the appellate authority. The original decision had declined to entertain my request and instead asked me to appeal. And now that I’ve taken the trouble of appealing, the appellate body has advised me to file an RTI all over again.”

Last week jantakareporter.com reported how the Gujarat-based activist’s request for PM Modi’s educational qualification had been declined both by the PMO and the Election Commission.

In the reply, the appellate body headed by SE Rizvi, said, “A public authority is obliged to provide information, which is held in its records and, in the matter in hand where the requisite information does not form part of office records, the contention that the PMO should provide the same is not correct.”

In his request, the RTI activist had also asked for the details of PM Modi’s “class 10th and 12th and MA (political science).”  To which the appellate authority asked him to file the RTI request all over again as it didn’t form his jurisdiction.

Modi government has drawn flak for diluting the purpose of the Right To Information Act by constantly refusing to divulge information in response to RTI requests. Be it the request to obtain his educational qualification or how often his businessman friend Gautam Adani visited him at his offical residence 7 RCR, the PMO has refused to provide favourable responses to RTI requests.

 

8 COMMENTS

  1. rajesh kumar
    @Rajeshkumar2210

    @Samajwadivision SATTA IKARARNAMA WO MRITAK KAY BAYAN PAI NAMANTARAN KI PRIKRIYA KI GAI UP C.M KA ADASH LAMMITpic.twitter.com/vLhSE4Cq73 – Mar 24

    Samajwadi Vision
    @Samajwadivision

    @Rajeshkumar2210 आप की समस्या क्या है कृपया थोरा विस्तार मे बताएँ

    05:48 AM – 25 Mar 15

    Reply to @Samajwadivision
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    सेवा में,
    माननीय मुख्यमंत्री महोदय,
    लखनऊ (उ०प्र०)
    विषय- सट्टा इकरारनामा व मृतक व्यक्ति के बयान पर नामान्तरण की प्रक्रिया की गयी है.
    सन्दर्भ- @samajwadivision के ट्विट आइ०डी० पर २४ मार्च २०१५ को @rajeshkumar2210 के ट्विटपर २५ मार्च २०१५ को अपने ट्विट कर पूछा कि आप कि समस्या क्या है? थोरा विस्तार से बताएँ के सन्दर्भ में-माननीय महोदय,
    मैनें एक प्रार्थना पत्र 06/06/2014को १९/१२/२०१३ के सन्दर्भ में जो कि जिला अधिकारी वाराणसी को लिखा था जिसपर कोई कार्यवाही नही की गयी थी के सन्दर्भ में आपके कार्यालय को भेजा और RTI ACT के तहत यह जानकारी प्राप्त करना चाहा की सट्टा इकरारनामा व मृतक व्यक्ति की बयान पर नामान्तरण की प्रक्रिया कैसे की गयी है. आपके कार्यालय से एक पत्र १७/०६/२०१४ को मिला जिसमें धारा 6(3) के अंतर्गत यह आदेशित व निर्देशित था कि प्रार्थी को सूचना से अवगत करते हुए निदेशालय को को भी अवगत कराए जाने का निर्देश था लेकिन मुझे किसी सूचना से अवगत नही कराया गया तब मैने २०/०१/२०१५ को पुनः एक प्रार्थना पत्र को आप के कार्यालय को भेजा और आप के कार्यालय से आपके कार्यालय को अवगत कराए गये, पत्र के फोटो कॉपी की माँग की गयी लेकिन आप के कार्यालय से से भी उत्तर नही मिला क्योंकि जब निर्देशाल को सूचना से अवगत ही नही कराया था तो निर्देशाल हमें क्या सूचना की फोटो कॉपी उपलब्ध कराते सो उस पत्र पर धारा 6(3) के अंतर्गत सूचना उपलब्ध कराए जाने की जानकारी पत्र द्वारा मिला क्या? इससे यह प्रतीत होता है की जब अधिकारी मुख्यमंत्री कार्यालय को को सूचना से अवगत नहीं करा पाए तो आम आदमी को सूचना से क्या अवगत कराएँगे.
    २. तब मैने @samajwadision पर २४ मार्च २०१५ को एक ट्विट किया सट्टा इकरारनामा व मृतक के बयान पर नमंतरण की कार्यवाही की गयी है. U.P.C.M. आदेश लंबित
    ३. जिस पर आपने २५मार्च२०१५ को ट्विट कर के पूछा की आप की समस्या क्या है? थोरा विस्तार में बताएँ.
    ४. तब मैने नमंतरण की गयी फाइल की जाँच की माँग की और उसका पता भी दिया जो की ये था- पता- न्यायालय श्रीमान नायब तहसीलदार
    सी लिंग वाराणसी
    मु० स० ७१६/१०३४
    राजेंद्र प्रसाद बनाम दुर्गा प्रसाद
    दफ़ा-३४ आर०एल० एक्ट
    तारीख फ़ैसला २४/०७/२००६
    ग्राम- जलालीपट्टी, परगना देहात अमानत
    तहसील सदर जिला- वाराणसी
    अतः माननीय महोदय से प्रार्थी निम्न जानकारी प्राप्त करना चाहता है.
    – प्रार्थी द्वारा दिया गया फ़ाइल के पाते पर क्या आपने फ़ाइल की जाँच कराई यदि नही तो क्यों? और इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है
    – प्रार्थी पत्रावली कहाँ पर व किस अधिकारी महोदय के यहाँ लंबित है और क्यों अवगत कराएँ.
    प्रार्थी
    राजेश कुमार वर्मा
    S/O भोनू राम वर्मा
    ग्राम-जलालीपट्टी नई बस्ती, पो०-भुल्लनपुर पी०ए०सी०
    जिला- वाराणसी
    उत्तर प्रदेश
    पिन-221108
    मोब० 8090952932

  2. RTI act के तहत वाराणसी के सांसद से जनहित में माँगी गयी जानकारी रेलवे बोर्ड से लंबित क्यू ?

    विषय – १९५६ में जब आम लोगों की ज़मीन अधिगृहीत करके डीजल रेल इंजन कारखाना, वाराणसी की स्थापना की गयी थी तो उस समय आम लोगों को क्या-क्या सुविधा दी गयी थी?

  3. माननीय PM महोदय ग्राम पंचायत जामताली में शाशन एवम् उच्चतम न्यायालय के आदेश की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं ।ग्राम सभा की तालाबी आराजी गाटा सं 1089 में गांव के सुधीर श्रीवास्तव विगत 10 वर्षों से लगातार खेती कर रहे हैं ।कई बार शिकायत की गई लेकिन प्रधान से करीबी रिश्ता होने के कारण कार्यवाही नहीं होती ।तहसील प्रशाशन जानते हुए अनजान बना है। आज भी सरसों की खेती लहलहा रही है ।।आपसे आग्रह है क़ि तालाब की जमीन से अतिक्रमण हटवाने की कृपा करें।। अतिक्रमण करता के खिलाफ कार्यवाही करने की कृपा करें।।

  4. भूदान की भूमि पर सन् 1984 के फर्जी पटटे के मामले में आज ADM कोर्ट पर 14/03/2016 की तिथि लग गई ।इस मामले में माननीय DM साहब द्वरा ही न्याय संभव है सरकार की निगाह कब पड़ेगी ये देखना है ।ब मुकदमा जगदीश बनाम विजय कुमार ।। ब्रेकिंग न्यूज़ ।।प्रतापगढ़ में न्यायालय से लेकर बाहर तक फ्राड का बोलबाला ।अधिकारी मौन अधिकारियों की मिलीभगत के चलते नहीं बच पा रहा बीहड़ बंजर भूदान की जमीन ।।SDM सदर और ADM चर्चा में ।इनकी काली करतूतों से सरकार की जमीन खतरे में।।आये दिन दबाव में हो रहे हैं आर्डर ।।दिनांक 9/3/2016 को भूदान की जमीन पर होगा आर्डर ADM के करीबी अधिवक्ता ने दी है chunooti ।।।मुखिया को नहीं मिलती जानकारी। सर ADM साहव अपनी कोर्ट पर एक अधिवक्ता के दबाव में बड़ा फ्राड करना चाहते है जगदीश बनाम विजय कुमार में एक अधिवक्ता ने सन् 1984 83 का भूदान का जाली पट्टा लगाकर आर्डर चाह रहे हैं उस अधिवक्ता का ADM से पुराना सम्बन्ध है इससे ग्रामः सभा जामताली का भारी नुकसान होगा जबकि भूदान कमेटी सन् 1976 में अस्तित्व हींन होगई है पट्टा जाली है राजस्व का बड़ा नुकसान होगा वास्तव में ADM विगत 3 4 वर्षों से प्रतापगढ़ में जमे हुए है इस लिये दबाव में हैं ।सर शासनादेश यह है की कमेटी समाप्त होने पर वर्ष 1979 तक कलेक्टर का अधिकार पट्टा करने का था लेकिन अधिवक्ता ने अपने घर पर पट्टा बनाया है और उस पट्टे की कोई orijnal कॉपी नहीं है न ही उसका कहीं अभिलेख है आपसे निवेदन है क़ि स्वयं पत्रावली का अवलोकन कर जाली पट्टा निरस्त करते हुए गांव सभा की जमीन सुरक्छित करने की कृपा करें ।इसमें सरकारी DGC भी मिले हुए है ।आर्डर की तिथि 9 3 16 है ।। कहीं सर SDM सदर की तरह न हो जाय ।इस समय भू माफियाओं की निगाह सरकार की जमीनों पर है।कुछ करें सर न्याय करें ।।।जनपद प्रतापगढ़ का बुरा हाल ।।।

    • माननीय PM / CM महोदय प्रतापगढ़ जनपद के शिवगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत जामताली में गरीबों पर अत्याचार पे अत्याचार हो रहा है सोचनीय विषय है क़ि आप लोगों द्वारा कब कार्यवाही की जायेगी 19 रु लीटर मिटटी का तेल सरकारी दूकान पर राशान का हाल और बुरा है भगा देते हैं मिलता ही नहीं कौन वोट आप को देगा और क्यों यह बड़ा सवाल है।। plz action just sir….

  5. सूचना का अधिकार
    रेलवे द्वारा, १९५६ में जब आम पब्लिकों की ज़मीन अधिगृहीत करके डीज़ल रेल इंजन कारखाना वाराणसी की स्थापना की गयी थी तो उस समय आम पब्लिकों को क्या क्या सुविधा दी गयइ थी? जैसे की शिक्षा का अधिकार, स्वास्थ्य का अधिकार, आवागमन का अधिकार, रोज़गार का अधिकार इत्यादि जो कि अभी तक कोई अधिकार आम पब्लिकों को नही मिला है| आम पब्लिकों द्वारा सूचना का अधिकार के तहत यह जानकारी प्राप्त करना चाहती है कि रेलवे द्वारा आम पब्लिकों की ज़मीन अधिगृहीत करने के बाद रेलवे द्वारा कोई सुविधा दी गयी थीपूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम के धारा ०७ के उपधारा (१) के अंतर्गत दिनंकित २८-०४-२०१५ को आदेशित व निर्देशित पत्र संख्या/ आर०टी०आइ०(पी०सी०) IV /१५/६९२ लंबित क्यू

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