दो साल में केवल 3 बार राज्यसभा आए मिथुन चक्रवर्ती

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तृणमूल कांग्रेस मिथुन चक्रवर्ती को राज्यसभा तो ले आई लेकिन उन्होंने इस पद की गरिमा नहीं रखी और दो वर्ष के कार्यकाल में केवल 3 बार ही राज्यसभा में आए। मंगलवार को मिथुन ने बीमारी का मेडिकल सर्टिफिकेट भेजकर अवकाश की अर्जी लगाई तो सांसदों ने जताई आपत्ति।

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जनसत्ता की खबर के अनुसार मशहूर भारतीय अभिनेता और कई टेलिविजन शो के होस्ट मिथुन चक्रवर्ती को दो साल पहले तृणमूल कांग्रेस ने राज्‍य सभा भेजा था। लेकिन इन दो सालों में वे केवल तीन बार संसद में आएं हैं। मंगलवार को जब उनकी ओर से बीमारी के चलते सदन में आने से छूट देने की अर्जी दी गई तो सांसदों को गुस्‍सा फूट पड़ा।

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सपा सांसद नरेश अग्रवाल और जदयू सांसद केसी त्यागी ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति जो पेशेवर काम में व्यस्त है उसके पास सदन की कार्यवाही में शामिल होने का समय कैसे नहीं है। मिथुन की अर्जी के बारे में राज्य सभा के उपसभापति पीजे कूरियन ने सदन को जानकारी दी। अवकाश की अर्जी के साथ मिथुन ने मेडिकल सर्टिफिकेट भी दिया।

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मिथुन चक्रवर्ती भले ही मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाकर राज्यसभा से गायब रहने के बहाने तलाश ले लेकिन लगातार उनका टेलिविजन कार्यक्रमों में दिखना और नई फिल्मों में नजर आना। ना सिर्फ राज्यसभा की अनदेखी होगी बल्कि जिस जिम्मेदारी से उन्हें नवाजा गया है उसके साथ भी अन्याय होगा।

हालांकि मिथुन के अलावा रेखा और सचिन तेंदुलकर भी राज्य सभा में बहुत कम उपस्थित हुए हैं। मि‍थुन राज्यसभा में एक बार भी नहीं बोले हैं। उनके बारे में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने बताया कि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं। हालांकि उन्होंने इस आरोप का जवाब नहीं दिया कि मिथुन फिल्‍मों में भी व्यस्त हैं तो सदन में उपस्थित होने के समय बीमार कैसे हो जाते हैं।

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यदि मिथुन राज्यसभा आकर प्रश्न पुछते है या जो लोग जीवन की बहुत सारी सुविधाओं से वंचित है मिथुन एक राज्यसभा सांसद होने के नाते उन सब लोगों के लिये काम कर सकते थे। लेकिन 2 साल में केवल 3 बार आकर उन्होंने ये साबित कर दिया कि उन्हें संसद की परवाह नहीं है।

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