दिल्ली महिला आयोग की पहल से शिकंजें में आए रेप केस के दो आरोपी

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इरशाद अली

सिक्किम की रहने एक 21 साल की वाली एक नवयुवती को दिल्ली महिला आयोग के एक्शन प्लान और फुर्ती की वजह से एक फर्जी एनजीओ के चंगुल से मुक्त कराया जा सका। कृष्णा अधिकारी नाम का एक व्यक्ति अलग अलग जगहो पर एनजीओ के माध्यम से फंड रेजिंग के काम को अंजाम देता था। दिल्ली, शिमला, चड़ीगढ़, देहरादून जैसी जगहों पर इस आदमी ने अपनी शाखाएं बनाई हुई थी।

कृष्ण अधिकारी ईस्ट से लड़कियों को बहला-फुसलाकर इस काम में लगाता था और बदलें में पैसा नहीं देता था। इसके खिलाफ जब लड़कियां आवाज उठाती तो उनका सैक्सुअली एब्यूज किया जाता था। ये खुलासा किया है सिक्किम की रहने वाली एक 21 साल की नवयुवती ने। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाती मालीवाल से इस लड़की ने अपनी आपबीती सुनाई और बताया कि किस तरह से उसे और दूसरी लड़कियों का शोषण कृष्णा अधिकारी और इस एनजीओ के दूसरे लोग मिलकर कर रहे है

लड़की ने अपनी आपबीती में आगे कहा की उसका काम भी फंड रेजिंग का था, जहां उसे कुछ दिन दिल्ली में काम करने के बाद चंडीगढ़, शिमला और देहरादून जैसी जगहों पर भेजा गया। इस दौरान कृष्ण अधिकारी लड़की के साथ बदतमीजी करता और पोर्न वीडियो दिखाता। विरोध करने पर उसे कमरे में बंद कर दिया और बाहर निकलना भी बंद कर दिया। इसके बाद उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गयी और खाना देना भी बंद कर दिया।

फिर एक दिन कृष्ण अधिकारी ने उस लड़की के साथ बलत्कार किया और एनजीओ में ही उसके दूसरे साथी ने इसका वीडियों बनाया। सिकिक्म की रहने वाली इस लड़की ने बताया कि ये लोग अलग-अलग नामांे से एनजीओ बनाते है और नौकरी के नाम पर जरूरतमंद और मासूम लड़कियों को बहला कर अपने साथ ले आते है।

लड़की की पूरी बात सुनने के बाद डीसीडब्लू चीफ स्वाती माली ने फौरन एक्शन लेकर कंप्लेन रजिस्टर करवाया और आयोग की सदस्य सारिका चैधरी को ने तुरन्त हेल्पलाइन बुलाकर हाॅजखास थाने में रेप की एफआईआर दर्ज कराई इस केस मंे पुलिस ने कार्यवाही करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया और बाकी लोगों की गिरफ्रतारी के लिये पुलिस छापेमारी कर रही है।

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