भारत में बास्केटबॉल को शौहरत मिलना अभी बाकी है: सतनाम सिंह भमारा

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प्रीति महावर, लुधियाना

शौहरत ‘सतनाम’ को मिली है लेकिन भारत में बास्केटबॉल को शौहरत मिलना अभी बाकी है, यह कहना है अमेरिका की प्रोफेशनल बास्केटबॉल लीग एनबीए में ड्राफ्ट हुए पहले भारतीय बास्केटबॉल प्लेयर सतनाम सिंह भमारा का।

अमेरिका से अपने वतन पहुचे सतनाम ने लोगों का प्यार देख अपनी ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा की वो अपने इस पैशन को इंडियंस का पैशन बनाना चाहता हैं  और ऐसा मुमकिन तब होगा जब यहाँ कोचेज की संख्या बढ़ेगी साथ ही कोच और प्लेयर दोनों अपनी लगन से इस खेल को आगे ले जाने का जुनून रखें।

पंजाब के बल्लोके पिंड में जन्मे 19 साल के सतनाम ने जनतकारेपोर्टेर.कौम  से बात करते हुए बताया की अमेरिका में जहाँ 12 प्लेयर्स पर लगभग 15-16 कोचेज होते हैं जो खिलाड़ियों को कड़ी मेहनत और लगन से उन्हें तराशते हैं वहीँ लुधियाना बास्केटबॉल अकादमी में सिर्फ 2 ही कोच हैं।

7 फूट 1 इंच लम्बे इस बास्केटबॉल प्लेयर का मानना है की प्लेयर्स सिर्फ आवाज उठा सकते हैं, उनकी सहूलियतों का ध्यान न सिर्फ कोचेज बल्कि सरकार को भी रखना चाहिए।

अपनी टीम डैलॉस मेवरिक्स में सेंटर पोजीशन के खिलाड़ी सतनाम फिलहाल अपने कोच कैनी नैट के अंडर नवम्बर से शुरू हो रहे डी लीग कैम्प्स की तैयारियों में जुटे हैं। सतनाम 2017 में होने वाले एनबीए बास्केटबॉल लीग में डैलॉस मेवरिक्स की मेन टीम में जगह बना अपने सपने को साकार करना चाहते हैं।

सतनाम ने बताया की उनकी सफलता के पीछे उनके पेरेंट्स, भाई-बहन, पंजाब बास्केटबॉल एसोसिएशन के सेक्रेटरी तेजा सिंह धालीवाल और उनके कोच स्वर्गीय डॉ एस सुब्रमनियम का बहुत बड़ा हाथ है। उनके पिता बलबीर सिंह किसान है साथ ही एक फ्लोर मिल भी चलाते हैं और माँ सुखविंदर कौर हाउसवाइफ हैं। उनके भाई बेअंत सिंह इंटरमिडीएट स्टूडेंट हैं और बहन सरबजोत कौर ने जिएनएम का कोर्स किया हुआ है।

सतनाम ने बताया की वो अपने पेरेंट्स की खेती बाड़ी के प्रेशर को कम कर उन्हें एक आरामदायक ज़िन्दगी देना चाहते हैं, जिसके लिए सरकार को ध्यान देना चाहिए।

सतनाम 8 साल के थे जब उन्होंने लुधियाना बास्केटबॉल अकादमी ज्वाइन की थी। इस दौरान उन्होंने 2008 अंडर 14 और 2010 अंडर 17 बास्केटबॉल टूर्नामेंट में गोल्ड और 2011 सीनियर नेशनल बास्केटबॉल टूर्नामेंट में सिल्वर मैडल भी जीते। 14 साल की उम्र में उन्हें आईएमजी रिलायंस ने 5 साल की स्कालरशिप दे उन्हें फ्लोरिडा आईएमजी रिलायंस अकादमी में बास्केटबॉल ट्रेनिंग के लिए भेज दिया। वहां न सिर्फ खेल बल्कि उनकी पढाई के साथ सारा खर्चा अकादमी ने उठाया। अब इंटरमिडीएट सतनाम का सारा खर्च डैलॉस मेवरिक्स उठा रही है। पंजाबी म्यूजिक के शौक़ीन सतनाम ने अपने साथ अपने टीम मेट्स को भी पंजाबी म्यूजिक का दीवाना बना दिया है।

खाली समय में नॉवल्स पढना और दोस्तों के साथ फन करना उन्हें काफी पसंद है। सतनाम ने 15 अगस्त तक भारत में रहने की बात कही।

सेक्रेटरी, पंजाब बास्केटबॉल एसोसिएशन, तेजा सिंह धालीवाल ने कहा कि “हम भी चाहते हैं की कोचेज की कमी दूर होनी चाहिए। यह कमी न सिर्फ पंजाब बल्कि देश भर में है। हमने सरकार के सामने कई बार इस मुद्दे को उठाया है, फण्ड की कमी इसमें सबसे बड़ा रोड़ा है”

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