बिहार में अकेले चुनाव लड़ेगी सपा, पार्टी का फैसला

0

बिहार में चुनाव की तारीखें घोषित होने ही वाली है लेकिन इस बीच बिहार चुनाव से पहले मुलायम सिंह यादव ने लालू-नीतीश के साथ हुआ गठबंधन को तोड़ दिया है।

महागठबंधन में शामिल रही समाजवादी पार्टी ने फैसला लिया है कि वह राज्‍य में अपने बलबूते पर चुनाव लड़ेगी। साथ ही कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि पार्टी अन्‍य दलों के साथ मिलकर भी चुनाव लड़ने का मन बना रही है। जिसके लिए अन्‍य दलों से बातचीत की जा रही है।

प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में पार्टी के वरिष्‍ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा, “पार्टी के पार्लियामेंट्री बोर्ड ने निर्णय लिया है कि वह बिहार में अलग से चुनाव लड़ेगी। पार्टी पूरी ताकत से राज्‍य में चुनाव लड़ेगी और वह जितनी सीटों चुनाव लड़ेगी, उसकी एक सूची तैयार कर एक साथ जारी की जाएगी।”

रामगोपाल ने इसके लिए आरोप भी लगाया कि सीटों का बंटवारा करते वक्त समाजवादी पार्टी से बात नहीं की गई थी। इसकी जानकारी पार्टी को मीडिया के माध्यम से मिली। इस रवैये से समाजवादी पार्टी काफी ‘अपमानित’ महसूस कर रही है।

उन्होंने कहा, “पार्टी को केवल 2 या 5 सीटें दिए जाने से न तो नेृतत्‍व सहमत था और न ही बिहार में पार्टी के कार्यकर्ता। लिहाजा, हमने बिहार के पार्टी कार्यकर्ताओं की भावना का सम्‍मान करते हुए एक सम्‍मानजनक तरीके से अपने बलबूते चुनाव लड़ने का फैसला लिया है।”

बिहार में कुल 243 विधानसभा की सीटें हैं जिसमें से 100 सीटें जेडीयू और सौ सीटें आरजेडी को दिया गया था और बाकि के 43 सीटों में 40 सीट कांग्रेस को और मात्र 3 सीट सपा के हिस्से में आई थीँ।

बाद में आरजेडी ने अपनी सीटों में से 2 सीट सपा को दी थी। यानी कुल मिलाकर मात्र 5 सीटें सपा को दी गई थी। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि सीटों का बंटवारा किए जाने के बाद भी पिछले महीने 30 अगस्त को हुए महागठबंधन की महारैली (स्वाभिमान रैली) में सभी पार्टियों के नेताओं ने शिरकत की थी। और इस रैली में शिवपाल यादव भी सपा के तरफ से शामिल हुए थे।

LEAVE A REPLY