स्कूलों में अनिवार्य हो रामायण-महाभारत की पढ़ाईः केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा

0

केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) महेश शर्मा ने कहा कि रामायण और महाभारत की पढ़ाई स्कूलों में अनिवार्य किया जाना चाहिए। एक नीजी हिंदी  चैनल “आज तक” के खास कार्यक्रम “सीधी बात” में शर्मा ने कहा कि इस योजना को पूरा करने के लिए वे मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

Also Read:  मित्रो, मेरा देश बदला हो या न हो, मेरा पत्रकार जरूर बदल रहा है

इतना ही नहीं धर्मनिरपेक्षता दिखाते हुए महेश शर्मा ने कहा कि बाइबिल और कुरान का भी सम्मान होना चाहिए लेकिन यह भी कहा कि गीता व रामायण की तरह भारत की आत्मा के मूल में नहीं हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि गीता-रामायण भारत की सांस्कृतिक व आध्यात्म‍िक धरोहर हैं और यही वजह है कि इनकी पढ़ाई अनिवार्य होनी चाहिए।

Also Read:  गोवा में पर्रिकर को मुख्यमंत्री नियुक्त किए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

उन्होंने कहा कि संस्कृति से ही किसी राष्ट्र का सही परिचय मिलता है, और इसके लिए मोदी सरकार ने सांस्कृतिक प्रदूषण के खिलाफ एक तरह से लड़ाई छेड़ दी है। अब समय आ गया है कि पश्च‍िमी संस्कृति के नकारात्मक प्रभाव को दूर किया जाए और अपनी पुरानी संस्कृति को अपनाया जाए।

उन्होंने हिंदी को स्कूलों में अनिवार्य किए जाने पर भी बल दिया और सवाल किया कि देश के स्टूडेंट्स को जर्मन सीखने की बजाए संस्कृत क्यों नहीं सीखनी चाहिए?

Also Read:  कोल्डप्ले के लीड सिंगर ने किया तिरंगे का अपमान, NCP नेता ने भाजपा और शिवसेना पर लगाया भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप

साथ ही मीट बैन विवाद पर टिप्पणी करते हुए महेश शर्मा ने कहा, “मेरे विचार से नवरात्र के 9 दिनों में भी मांस की बिक्री बंद होनी चाहिए, जब देश में ज्यादातर लोग इससे दूर रहते हैं।“

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here