लखनऊ में एक 4 महीने के मासूम बच्चे के पेट में 24 सुईया, डॉक्टर हैरान

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लखनऊ में एक  4 महीने के मासूम बच्चे के पेट में 24 सुईया मिलने से डॉक्टर हैरान है। इलाज में जुटे डॉक्टरो के लिए भी ये  मेडिकल साइंस के इतिहास में पहला मामला है। जो ना कभी देखा गया और ना कभी सुना गया था । इलाज में जुटे डॉक्टर्स की टीम ने इंडोस्कोपी और कम्बाइंड सर्जरी के जरिये बच्चे के पेशाब की नली में फंसी तीन सुइयों को बाहर निकाल लिया है लेकिन  अभी भी तकरीबन 21 सुईया बच्चे के शरीर में मौजूद है।।  डॉक्टरों के मुताबिक बच्चे को अब इन सुइयों से कोई खतरा नहीं है लेकिन सवाल बड़ा पेचीदा है की आखिर 4 माह के मासूम के शरीर में ढेर सारी सुईया कैसे पहुंची इस मामले को लेकर एक वकील ने इलाहाबाद के हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की । न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई करते हुए डीएम और  एसएसपी को आदेश दिया की वो इस मामले को गंभीर से ले और बच्चे का इलाज़ कराये ।

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क्या है मामला

लखनऊ के केजीएमयू के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में भर्ती 4 माह के मासूम हार्दिक के शरीर में 24 सुइयां थी जिसमे से डॉक्टर ने 3 सुइयां निकाल दी है  अब हार्दिक खतरे से बाहर बताया जा रहा है। ये पिछले एक सप्ताह से लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कालेज मे भर्ती है।जब भर्ती हुआ था तब इसकी जान खतरे मे थी  क्योंकि किसी रूकावट के चलते ये पेशाब नही कर पा रहा था और पेशाब की नली से खून भी आ रहा था।एक्सरे रिपोर्ट मे पेशाब नली के अलावा उसके शरीर के भीतर कुल 24 सुईंयां होने की बात पता चली। केजीएमसी के  डॉक्टर्स भी हैरान है कि आखिर हार्दिक के शरीर में ये 24 सुईया कैसे पहुंची। हार्दिक का इलाज कर रहे डॉ एसएन कुरील इसके पीछे परिवार के किसी परिचित का हाथ मान रहे है। जिसने ना जाने किस दुश्मनी और साजिश के चलते मासूम के शरीर में एक दो नही पूरी 24 सुईया पेवस्त कर दी। हालांकि सर्जन और सीनियर प्रोफेसर डॉ एसएन कुरील के मुताबिक तकरीबन ढाई घंटे के सफल आपरेशन के बाद इंडोस्कोपी और कम्बाइंड सर्जरी के जरिये जानलेवा बनी तीन सुइयों को हार्दिक के शरीर से बाहर निकाल लिया गया है।

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क्या कहना है हार्दिक का इलाज़ करने वाले डॉक्टर का

केजीएमसी के सर्जन और सीनियर प्रोफेसर डॉ एसएन कुरील ने बताया कि अजीब गरीब तरह से तीन सुईया आर पार थी जहा पर पेशाब की थैली और नली मिलती है वहां पर एक नाजुक सी जगह होती है । और उसको ऐसे नहीं निकला जा सकता था  इंडोस्कोपी और कम्बाइंड  तरीके के सर्जरी के टेक्निक से हम लोग जो बिलकुल डिफीकल्ट पॉइंट पर तीन सुईया थी जिससे पेशाब में खून आ रहा था पेशाब में रुकावट थी उसको हमने निकाल  दिया ढाई घंटा लगा था । ये सिंपल जो इंजेक्शन लगाने वाली निडिल होती है । तो उसमे उसका प्लास्टिक एडॉप्टर होता है । किसी ने  वो एडॉप्टर तोड़ दिया है और जो निडिल है वो बच्चे के शरीर में घुसा दिया है ।इनके परिवार में कोई न कोई ऐसा है जिसके पास ये बच्चा रहता होगा ।

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मासूम हार्दिक उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के मेजरगंज का रहने वाला है। हार्दिक के शरीर में सुईया होने की जानकारी माता और पिता शिवेंद्र श्रीवास्तव को उस वक्त हुई। जब हार्दिक के शरीर में पड़ी गिल्टी से सुई निकली। परिजनों ने मासूम को जिला अस्पताल में दिखाया। जहाँ पर हार्दिक की एक्सरे रिपोट में उसके शरीर के भीतर 24 सुईया होने की पुस्टि हुई। जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे लखनऊ के केजीएमयू के लिए रेफर कर दिया। परिजन भी इस बात से अनजान है कि उनके जिगर के टुकड़े के शरीर में किसने सुईया डाली है। बात जब फैली तो मामला हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच तक चला गया। पूरे मामले पर एक वकील ने याचिका दायर कर दी कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए  लखनऊ के  डीएम एसएसपी को  आदेश दिया क़ि मासूम का सही इलाज़ हो और पूरे मामले को अधिकारी हमदर्दी से देखे ।

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भले ही डॉक्टर मान रहे है कि अब हार्दिक खतरे से बाहर है लेकिन अभी भी हार्दिक के शरीर में 21 सुईया उसकी जिंदगी के लिए चुनौती बनी हुई है। तो वही बड़ा सवाल आखिर हार्दिक को इस मुकाम पर पहुचाने वाला वो अंजान दुश्मन कौन है।

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