जैनों के साम्राज्य को ध्वस्त करने में हमें ज्यादा वक्त नहीं लगेगा: शिवसेना

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मुंबई में मीट बैन को लेकर घमासान बढ़ता ही जा रहा है और इसी क्रम में शिवसेना ने आज अपने मुखपत्र सामना में एक संपादकीय के जरिए जैन समुदायों को एक तरह से धमकी दी है।

एक ओर जहां जैन समुदाय बैन की मांग पर अड़ा है तो वहीं दूसरी ओर शिवसेना ने इसका विरोध किया है। सामना में लिखे संपादकीय में शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि अहिंसा के नाम पर किसी को उसके खाने से दूर करना भी एक तरह की हिंसा है।

उद्धव ने संपादकीय में लिखा कि जैनों की आबादी करीब 45 लाख है, लेकिन वे अपनी बात मनवाने की जिद इसलिए कर रहे हैं क्योंकि अर्थव्यवस्था पर उनका दखल है। लेकिन वे अपने पैसे अपने पास रखें, यह एक प्यार भरी चेतावनी है। यह शिवाजी का महाराष्ट्र है और ऐसे लोगों से निपटना हमें आता है।

इसके साथ ही ठाकरे ने कहा, ‘पहले सिर्फ रूढ़िवादी मुस्लिम ही धर्म के नाम पर परेशान करते थे, अब अगर अल्पसंख्यक जैन समुदाय भी ऐसी मांगें करेगा तो भगवान ही उन्हें बचा सकता है।’

इतना ही नहीं ठाकरे ने कहा कि रुढ़िवादी मुस्लिमों के पास तो कम से कम पाकिस्तान है, जहां वह जाकर बस सकते हैं, लेकिन यदि जैनों का रवैया भी रुढ़िवादी रहा तो वह कहां जाएंगे? ठाकरे ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘जैनों के साम्राज्य को जमींदोज करने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा, धर्म के नाम पर कुछ भी थोपा नहीं जा सकता।’

ठाकरे ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘जैन समुदाय के लोगों को ऐसी बेकार की मांगें उठाना बंद कर देना चाहिए, यह उनके लिए अच्छा होगा। मुंबई की ज्यादातर बिल्डर लॉबी जैन है। उनकी डील में काली कमाई भी होती है, इससे सभी वाकिफ हैं। साथ ही इसी बहाने ठाकरे ने आज से शुरू हो रहे पर्यूषण पर्व को लेकर भी कहा कि इस पर्व के  दौरान क्या वे काली कमाई करना बंद कर देंगे। पर्यूषण पर्व सालों से मनाया जाता रहा है लेकिन पहले कभी मीट का विरोध नहीं हुआ तो अब क्यों?’

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