… तो अब बाबाओं की संपत्ति पर सरकार कसेगी नकेल, राज्यों की मदद से जायदाद को SIT करेगी जांच

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देश भर में बढ़ रहे बाबाओं की संख्या और उनके पास उपलब्ध अकूत संपत्ति को देखते हुए सरकार इन बाबाओं पर नकेल कसने की तैयारी में है। एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक, एसआईटी बाबाओं की दौलत के सोर्स और उसके इस्तेमाल पर कड़ी नजर रखने का प्लान बना रही है। इसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट की ओर से ब्लैकमनी पर बनाई गई  SIT करेगी ।

गौर हो कि पिछले कुछ महीनों और सालों में कई बाबाओं की दौलत और उनके दोहरे जीवन की कहानियां मीडिया में छाई रही हैं। चाहे वह उड़ीसा के सारथी बाबा हों या फिर हरियाणा के बाबा रामपाल से लेकर पंजाब की राधे मां हों। इसके साथ साथ कुछ ऐसे भी बाबा हैं जो कि बलात्कार या फिर छेड़खानी या फिर अन्य कारणों से मीडिया में छाए रहे। इन बाबाओं में आसाराम बापु, बाबा नित्यानंद हैं। इसके अलावा भी इन बाबाओं की एक लंबी लिस्ट हैं, जिन्होंने एक आम आदमी से धार्मिक बाबा तक का सफर तय किया है। ये भी देखने को मिला है कि कई बाबाओं ने लाखों-करोड़ों फॉलोअर्स बनाए और काफी जायदाद भी इकट्ठी की।

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इसके साथ साथ बाबा रामदेव हों या फिर श्री श्री रविशंकर या फिर निर्मल बाबा इन सबों के पास भी अकूत संपत्ति है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व जज एम.बी.शाह के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई गई है । जो कालेधन का पता लगाने के लिए कई तरीकों की शुरुआत करने के बाद एसआईटी राज्य की जांच एजेंसियों की मदद से इन बाबाओं की संपत्ति का सोर्स पता लगाने का फैसला किया है। इस काम के लिए एसआईटी ने राज्य सरकारों की आर्थिक आपराध शाखा की मदद लेने का भी फैसला किया है।

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गौरतलब है कि एसआईटी जांच के घेरे में सारथी बाबा ऐसे पहले बाबा होंगे। सारथी बाबा एक मिडल क्लास फैमिली से आते हैं और दो दशक पहले उन्होंने अध्यात्मिक गुरू के तौर पर शुरुआत की थी।

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