टैक्सी नदारद होने से परेशान है दिल्ली, झड़पों के बाद कोलकाता में तनाव, हड़ताल क़ायम

0

371730-cpm-tmc-clash-wb-ani

दिल्ली के बाद कोलकाता में भी हालात गंभीर हो गए  है हमारी संवाददाता के अनुसार मुर्शिदाबाद जिले के बरहामपुर में कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों में कई लोग घायल हुए यहां तक की सीपीएम समर्थकों पर भी पथराव किया गया। हालत बिगड़ते देख पुलिस ने लाठी चार्ज शुरू कर दिया। घायल लोगों की संख्या अधिक है और ईंट बल्लेबाजी की वजह से गंभीर भी जिसके लिए उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं।

396901-tradeunions-bharatbandh

बुधवार को केंद्र के फैसलों से परेशान टैक्सी और ऑटो चालाक समेत ट्रेड यूनियंस वाले आज राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं ।

Also Read:  दिल्ली में सम-विषम वाहन प्रणाली पर बुधवार को सुनवाई

मंगलवार को भाजपा समर्थित बीएमएस और ऐनएफआईटीयू ने हड़ताल का बहिष्कार करने का फैसला किया था जिसमें आंदोलन खत्म करने की अपील भी की गई थी, हालांकि हड़ताल की चेतावनी चालकों ने पहले ही सरकार  को दी थी पर सरकार की तरफ से कोई पहल नही हुई।

हड़ताल के कारण सुबह से आम लोगों को दिक्कतें हो रहीं हैं, ऐसे में मेट्रो और डीटीसी बसो में भीड़ उमड़ रही है।

Auto taxi unions Delhi

भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) हड़ताल संगठनों से सरकार को बुनियादी मांगों पर अपने वादे को पूरा करने के लिए समय दिए जाने की मांग रख रही है। लेकिन सरकार द्वारा बनाए गए रोड ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बिल 2014, तथा दिल्ली में आप सरकार बनने के बाद किए गए सभी वादों में से कोई भी वादा पूरा न हुए जाने से नाराज दिल्ली के ऑटो टैक्सी संगठनों ने इसका विरोध करते हुए पूरे दिन हड़ताल पर रहने का तय किया है, जिसका नतीजा सीधे सीधे आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है ।

Also Read:  Supreme Court to Modi govt on pollution: You people are just sipping coffee and doing nothing

राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भाग लेने वाले दस मुख्य ट्रेड यूनियन सीटू, इंटक, एटक, हिन्द मजदूर सभा, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, सेवा, एआईसीसीटीयू, यूटीयूसी और ऐलपीएफ हैं।

केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय के कहना है “मुझे नहीं लगता आवश्यक सेवाओं को इस हड़ताल का कोई भी फर्क पड़ेगा।”

Also Read:  Keep meeting me, says PM Modi as Rahul takes Cong delegation to him over farmers’ loan waiver

ऑटो टैक्सी चालकों का कहना है की अवैध रूप से चलाए  जाने वाले कैब्स के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है जिसके वजह से कभी ट्रैफिक विभाग तो कभी ट्रैफिक पुलिस आए दिन परेशान करते हैं और साथ ही साथ किसी कारणवश कोई कागजात नहीं होने पर पाँच हज़ार रुपये तक का जुर्माना मांगते है। जो किसी भी तरह तर्कसंगत नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here