किंगफिशर एयरलाइंस के कार्यालयों, विजय माल्या के आवासों पर सीबीआई छापे

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने किंगफिशर कंपनी के मालिक विजय माल्या और किंगफिशर के बंद पड़े दिल्ली व बेंगलुरू स्थित कार्यालयों व अन्य ठिकानों पर शनिवार को छापे मारे।

900 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में बेंगलुरू, मुंबई, तथा पणजी के निकट किंगफिशर एयरलाइंस के कार्यालयों तथा माल्या व अन्य के आवासों पर छापेमारी की गई।

गोवा में सीबीआई के दल ने टोनी कंडोलिम समुद्र तट इलाके में माल्या के किंगफिशर विला में छापेमारी की।

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सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा, “किंगफिशर एयरलाइंस को 900 करोड़ रुपये ऋण की मंजूरी व अदायगी में बैंकिंग मानदंडों के कथित तौर पर उल्लंघन के एक मामले में मुंबई, बेंगलुरू व गोवा में माल्या के कार्यालयों व आवासों सहित पांच जगहों पर छापेमारी जारी है।”

इस मामले में सीबीआई ने माल्या, किंगफिशर एयरलाइंस के मुख्य वित्त अधिकारी ए. रघुनाथन तथा आईडीबीआई बैंक के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ 900 करोड़ रुपये के ऋण की मंजूरी व अदायगी में बैंकिंग मानदंडों के कथित तौर पर उल्लंघन को लेकर मामला दर्ज किया था।

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आईडीबीआई बैंक ने ऋण अदायगी में किंगफिशर एयरलाइंस की अक्षमता की बात जानने के बावजूद उसे 900 करोड़ रुपये का ऋण दिया था, जबकि अन्य बैंकों ने माल्या को इरादतन डिफॉल्टर घोषित कर रखा था। माल्या पर पहले से कई बैंकों के ऋण बकाया थे।

किंगफिशर के निगेटिव नेटवर्थ और खराब क्रेडिट रेटिंग के बावजूद कंपनी को आईडीबीआई बैंक द्वारा 950 करोड़ रुपये का ऋण देने को लेकर बैंक भी साल 2014 में जांच के घेरे में आ गया था।

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आईडीबीआई बैंक द्वारा ऋण की मंजूरी के मुद्दे पर साल 2014 में बैंक के खिलाफ प्रारंभिक जांच दर्ज करते हुए सीबीआई ने कहा था, “जब कंपनी द्वारा अन्य बैंकों द्वारा दिए गए ऋण की अदायगी नहीं की गई थी, फिर आईडीबीआई बैंक को उसे ऋण देने की जरूरत ही नहीं थी।”

माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस अक्टूबर 2012 से ही बंद है।

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