इंदिरा-राजीव पर डाक टिकट बंद करने का फैसला, रविशंकर प्रसाद ने कहा, बेवजह विवाद कर रही है कांग्रेस

0

इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की फोटो वाले डाक टिकट को सरकार द्वारा बंद किए जाने के कारण विवाद थमने का नाम नहीं ले रही है। अब केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस मामले पर कहा कहा है कांग्रेस बेवजह विवाद कर रही है.

बुधवार को दिल्ली में रिपोर्टर्स से बात करते हुए उन्होंने कहा, “क्या सरकार ने पं. जवाहर लाल नेहरू, मौलाना अबुल कलाम आजाद और बीआर अंबेडकर के डाक टिकट को हटाया है, नहीं ना, क्या ये सभी कांग्रेस के नेता नहीं हैं।”

प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस बिना वजह विवाद कर रही है, जबकि इंदिरा गांधी के स्टाम्प को 4 बार, राजीव गांधी के स्टाम्प को 2 बार और नेहरू के स्टाम्प को 8 बार लागू किया गया है।

डाक विभाग ने वर्ष 2008 में विभिन्न क्षेत्रों की 9 हस्तियों पर डाक टिकटों की सीरीज लांच की थी। इसमें इंदिरा और राजीव गांधी के अलावा महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, बीआर अंबेडकर, सतयजीत रे, होमी भाभा, जेआरडी टाटा और मदर टेरेसा की फोटो वाले डाक टिकट थे। मई 2009 में इसी वर्ग में तीन नाम ईवी रामास्वामी, सीवी रमण और रूकमणि देवी के नाम और जोड़े गए।

जुलाई २०१४ में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के स्टाम्प को हटा दिया और इसका खुलासा एक RTI में हुआ था। इसके कारण कांग्रेस ने सरकार की काफी तीखी आलोचना की थी।

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा था, “यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार व्यक्तिगत रूप से कितना वैर भाव रखती है। यह चरम है, मोदी सरकार इतना नीचे गिर गई है कि उन्होंने देश के दो प्रधानमंत्रियों की शहादत भुला दी है।”

वहीं कांग्रेस के ही एक अन्य नेता आनंद शर्मा ने भी कहा था कि जिन्होंने देश के लिए अपना बलिदान दिया उनके प्रति सरकार की यह संकुचित मानसिकता को दर्शाता है। यह इतिहास की तौहीन है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here