कोरोना वायरस: तबलीगी जमात पर एक बार फिर से फर्जी खबरें फैलाते पकड़ा गया ज़ी न्यूज़, सार्वजनिक रूप से मांगी माफी

0

हिंदी समाचार चैनल ‘ज़ी न्यूज़’ एक बार फिर से सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गया है, लोग ज़ी न्यूज़ की जमकर आलोचना कर रहे है। दरअसल, ज़ी न्यूज़ तबलीगी जमात पर एक बार फिर से फर्जी खबर फैलाता हुआ पकड़ा गया है। तबलीगी जमात से जुड़ी एक फर्जी खबर चलाने के लिए ज़ी न्यूज़ ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है। बता दें कि, ज़ी न्यूज़ इससे पहले भी तबलीगी जमात को लेकर फर्जी खबर चलता रहा है।

ज़ी न्यूज़

दरअसल, शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश सरकार के सूचना और जनसंपर्क विभाग ने ज़ी न्यूज़ को झूठी रिपोर्टिंग के लिए लताड़ भी लगाई। ज़ी न्यूज़ ने खबर चलाई थी कि इस पूर्वोत्तर राज्य में 11 कोरोनो वायरस से संक्रमित मरीज पाए गए हैं, जिन्होंने पिछले महीने दिल्ली के निज़ामुद्दीन में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में हिस्सा लिया था।

लेकिन अरुणाचल प्रदेश की IPR ने इसे एक फर्जी खबर करार दे दिया। उन्होंने ज़ी न्यूज़ की खबर का खंडन करते हुए ट्विटर पर लिखा, “ये स्पष्ट किया जाता है कि अरुणाचल प्रदेश में अब तक सिर्फ एक मरीज़ COVID-19 पॉजिटिव पाया गया है। ज़ी न्यूज़ द्वारा की गई रिपोर्टिंग गलत है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है।”

IPR अरुणाचल प्रदेश द्वारा इस खबर का खंडन किए जाने के बाद ज़ी न्यूज़ ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि चैनल पर अरुणाचल प्रदेश में तब्लीगी जमात के 11 लोगों के संक्रमित होने की खबर दिखाना एक मानवीय भूल थी। इस गलती का हमें खेद है।

ज़ी न्यूज़ ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा, “अरुणाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमित सिर्फ एक मरीज की पुष्टी हुई है। मानवीय भूल से ज़ी न्यूज़ पर अरुणाचल प्रदेश में तब्लीगी जमात के 11 लोगों के संक्रमित होने की ख़बर दिगाई गई। इस गलती के लिए हमें खेद है।”

बता दें, यह कोई पहला मौका नहीं है जब ज़ी मीडिया ने फर्जी खबरें फैलाई हो। पिछले दिनों भी ज़ी मीडिया तबलीगी जमातियों के बारे में फर्जी खबर फैलाता हुआ पकड़ा गया था। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद पुलिस की प्रतिक्रिया के बाद ज़ी मीडिया ने अपने फर्जी ख़बर को अपने ट्विटर अकाउंट से डिलीट कर दिया।

दरअसल, 6 अप्रैल को ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया। अपने इस ट्वीट में ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड ने तबलीगी जमातियों के सदस्यों को लेकर एक खबर शेयर की थी। खबर की हेडलाइन थी- “फिरोजाबाद में 4 तबलीगी जमाती कोरोना पॉजिटिव, इन्हें लेने पहुंची मेडिकल टीम पर हुआ पथराव।”

अपने इस ट्वीट के साथ ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड ने यूपी पुलिस और फिरोजबाद पुलिस को टैग किया था। इसके बाद फिरोजाबाद पुलिस ने ज़ी न्यूज़ की खबर को झूठ करार दिया था। ज़ी न्यूज़ की इस फर्जी खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए फिरोजाबाद पुलिस ने लिखा, “आपके द्वारा असत्य एवं भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। जबकि जनपद फिरोजाबाद में न तो किसी मेडिकल टीम एवं न ही एंबुलेंस गाड़ी पर किसी तरह का पथराव किया गया है। आप अपने द्वारा किए गए ट्वीट को तत्काल डिलीट करें।” फिरोजाबाद पुलिस के इस ट्वीट के बाद ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड ने अपने ट्विटर हैंडल से इस फर्जी खबर को तुरंत हटा लिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here