जब ‘जी न्यूज’ जैसे चैनल के पत्रकार ने ‘जनता का रिपोर्टर’ पर सवाल उठाया तो पासा पड़ा उल्टा, ट्रोल एंकर हुआ खुद ट्रोल

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वरिष्ठ पत्रकार और न्यूज चैनल NDTV के सह-संस्थापक और कार्यकारी सह-अध्यक्ष प्रणय रॉय के आवास पर सोमवार(4 जून) को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने छापा मारा है। सुबह CBI ने इस बात की पुष्टि की कि NDTV के सह-संस्थापक प्रणय रॉय के दिल्ली और देहरादून सहित चार स्थानों पर छापेमारी चल रही है।

वरिष्ठ पत्रकार प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय पर फंड डायवर्जन तथा बैंक से धोखाधड़ी का आरोप है। रिपोर्ट के मुताबिक, CBI सूत्रों ने कहा कि प्रणय रॉय, राधिका रॉय और आरआरपीआर होल्डिंग्स के खिलाफ एक प्राइवेट कंपनी और आईसीआईसीआई बैंक को कथित तौर पर 48 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज किया है।

वहीं, सोशल मीडिया यूजर्स इस छापेमारी को अलग-अलग मामलों से जोड़कर देख रहे हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर चार दिन पहले ही 1 जून को एनडीटीवी की एंकर निधि राजदान द्वारा बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा को अपने लाइव शो से बाहर निकालने की प्रतिक्रिया में रॉय के घर पर छापेमारी हुई है।

सोशल मीडिया पर आए प्रतिक्रिया के आधार पर ‘जनता का रिपोर्टर’ ने भी अपनी रिपोर्ट में इस बार का जिक्र किया था कि निधि राजदान द्वारा संबित पात्रा को निकाले जाने के कुछ ही दिन बाद प्रणय रॉय के आवास पर सीबीआई ने छापेमारी की है। हालांकि, ‘जनता का रिपोर्टर’ ने इस खबर का दावा नहीं किया था।

इसी खबर को आधार बनाकर ‘जी न्यूज़’ के एंकर रोहित सरदाना ने ट्वीट कर ‘जनता का रिपोर्टर’ को पत्रकारिता का पाठ पढ़ाने लगे। हालांकि, रोहित सरदाना अपने जाल में खुद फंस गए और उन्हीं के फॉलोअर्स उन्हें ट्रोल करने लगे। लोगों को कहा कि और कोई कुछ कहे तो ठीक है लेकिन कम से आप तो ‘जनता का रिपोर्टर’ पर सवाल मत उठाइए।

बता दें कि जी ग्रुप के समाचार चैनलों के दो संपादकों सुधीर चौधरी और समीर अहलुवालिया 2012 में गिरफ्तार हो चुके हैं। जिंदल स्टील एंड पावर की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने इन दोनों संपादकों को गिरफ्तार किया था। इन पर कोयला घोटाले की खबर को लेकर जिंदल स्टील के नवीन जिंदल ने जी ग्रुप के संपादकों पर गलत तरीके से पैसे मांगने का आरोप लगाया था।

 

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