ज़ाकिर नाईक ने कहा वो इस साल भारत नहीं लौटेंगे, प्रेस कांफ्रेंस में लगाई ज़ी न्यूज़ पत्रकार को ‘डांट’, कहा तमीज नहीं है

0

धर्म प्रचारक डा. जाकिर नाईक ने शुक्रवार को अपने खिलाफ लगे तमाम इल्ज़ामों पर चुप्पी तोड़ी और सऊदी अरब के शहर मदीना से स्काइप के ज़रिये मुंबई में पत्रकारों से बात की।

उन्होंने अपने विरुद्ध भारतीय मीडिया में लगाए जाने वाले तमाम इल्ज़ामों को सिरे से ख़ारिज करते हुए कहा कि वह इस साल भारत नहीं लौटेंगे।

CnYqZZMVUAAXEDl

उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी जानकारी में कभी भी किसी आतंकवादी से नहीं मिला हूं।’

उन्होंने आगे कहा कि कहा कि वह सभी तरह की आतंकी गतिविधियों की निंदा करते हैं। साथ ही दावा किया कि उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। उन्होंने खुद पर लगे इससे संबंधित आरोपों को झूठा करार दिया।

जाकिर नाईक ने कहा कि वो आतंकवादी हमलों की निंदा करते हैं।

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एक समय नाईक ने ज़ी न्यूज़ के संवाददाता को फटकार लगाते हुए कहा कि उनमें तमीज की कमी है और ऐसे लोगों को प्रेस कांफ्रेंस में नहीं आना चाहिए।

Also Read:  स्पेन: बार्सिलोना में आतंकी हमला, 13 की मौत, ISIS ने ली जिम्मेदारी

माहौल उस वक़्त खराब हो गया जब ज़ी न्यूज़ के रिपोर्टर राकेश त्रिवेदी ने नाईक से पूछा कि क्या उन्होंने भारत में मुसलामानों में अशिक्षा का दर और बेरोज़गार मुसलामानों की संख्या के बारे में पता है।

उनके इस सवाल पर आयोजकों ने कहा की प्रेस कांफ्रेंस का मुद्दा कुछ और था। लेकिन इसके बावजूद, रिपोर्टर नाईक पर अपने सवाल के उत्तर केलिए ज़ोर डालता रहा। इसपर डाक्टर नाईक ने कहा कि अगर रिपोर्टर को उनके चेयरमैन के साथ बात करने की तमीज नहीं है तो उसे ऐसे शो पर नहीं आना चाहिए।

Congress advt 2

एनडीटीवी की खबर के अनुसार इस्लामिक धर्म प्रचारक ने जोर देकर कहा कि उन्होंने कभी आत्मघाती हमलों की वकालत नहीं की, बल्कि हमेशा इनकी निंदा की, क्योंकि इससे निर्दोष लोगों की जान जाती है, जो इस्लाम के विरुद्ध है।

Also Read:  राजस्थान के कृषि मंत्री प्रभु लाल सैनी का विवादित बयान, अगर नहीं खरीद सकते तो मत खाओ प्याज

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह बांग्लादेश में हुए आतंकी हमले में शामिल उन आतंकियों से मिले थे, जिनके बारे में कथित रूप से कहा गया था कि वह आपकी स्पीच से प्रेरित हैं, तो मुंबई निवासी इस धर्म प्रचारक ने कहा, “अपनी जानकारी मैं कभी भी किसी आतंकवादी से नहीं मिला हूं, लेकिन यदि लोग मेरे बगल में खड़े होकर फोटो खिंचवाते हैं, तो मैं मुस्कुरा देता हूं। मैं नहीं जानता कि वह कौन हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘महीनेभर में हजारों लोगों से मिलता हूं।’

नाईक ने अपनी स्पीच पर आतंकवाद को बढ़ावा दिए जाने के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा, ‘मेरे कथनों को गलत संदर्भ में लिया गया है… मैं शांति का संदेशवाहक हूं। मेरी स्पीच में घृणास्पद बात के प्रमाण के बिना ही मुझ पर नफरत फैलाने वाले व्यक्ति का तमगा लगा दिया गया है।’

गौरतलब है कि नाईक ने इससे पहले कई बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सफाई देनी चाही थी, लेकिन उन्हें कोई जगह नहीं दे रहा था। इस बात की प्रबल संभावना जताई जा रही थी कि नाईक पिछले सोमवार को मुंबई लौट आएंगे, लेकिन उनके इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन ने कहा कि वह अगले कुछ दिनों में अफ्रीका यात्रा पर जाएंगे।

Also Read:  आज से शुरू होगा हज, मीना की ओर अपनी यात्रा शुरू करेंगे दुनियाभर के मुसलमान

नाईक की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन मुंबई में उनके फाउंडेशन ने मझगांव गार्डन के पास बैंक्वेट हॉल में सुबह 9.45 बजे स्काइप के जरिए किया। इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयोजन स्थल के बाहर एक पुलिस वैन खड़ी रखी गई।

भारतीय मीडिया ने धक के आतंकी हमले के फरउं बाद वहां के एक अखबार डेली स्टार के हवाले से खबर चलायी थी कि उन आतंकियों में से एक नाईक के बयानों से प्रेरित था। बाद में अखबार ने अपनी इस ग़लत खबर पर माफ़ी मांगी थी।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here