UP के सबसे बड़े सम्मान ‘यश भारती’ की जांच करवाएंगे CM योगी, बच्चन परिवार को भी मिला है पुरस्कार

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े सम्मान यश भारती की जांच कराने का फैसला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये सम्मान किन आधारों व मापदंडों पर दिए गए, इसकी जांच कराई जाएगी। इसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

फोटो: NDTV

सीएम योगी ने अफसरों को यह निर्देश गुरुवार(20 अप्रैल) को देर रात संस्कृति विभाग के प्रस्तुतीकरण के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि पुरस्कारों के वितरण के दौरान उसकी गरिमा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। योगी ने कहा कि अपात्रों को अनावश्यक सम्मानित करने से पुरस्कार की गरिमा गिरती है।

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बता दें कि यह पुरस्कार सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने 1994 में शुरू किया था। यह सम्मान उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले ऐसे लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने कला, संस्कृति, साहित्य या खेलकूद के क्षेत्र में देश के लिए नाम कमाया हो। पुरस्कार में 11 लाख रुपये के अलावा ताउम्र 50 हजार रुपये की पेंशन भी दी जाती है।

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पिछली यूपी सरकारों ने यह सम्मान हरिवंश राय बच्चन, अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, जया बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, शुभा मुद्गल, रेखा भारद्वाज, रीता गांगुली, कैलाश खेर, अरुणिमा सिन्हा, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, नसीरूद्दीन शाह, रविंद्र जैन, भुवनेश्वर कुमार जैसी हस्तियों को मिल चुका है। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चन परिवार पेंशन नहीं लेता है।

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यूपी की पूर्व सीएम व बसपा प्रमुख मायवाती ने अपनी सरकार आने पर यह पुरस्कार बंद कर दिए थे। लेकिन 2012 में फिर समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने इसे दोबारा शुरू करवा दिया। अखिलेश सरकार के दौरान इस पुरस्कार को लेकर तमाम सवाल उठे। आरोप लगा कि अखिलेश ने तमाम गरीब लोगों को आर्थिक मदद करने के लिए यश भारती पुरस्कार दे दिया।

 

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