‘योगेंद्र यादव ज्यादा सावधान थे, जबकि अरविंद केजरीवाल ज्यादा स्वाभाविक’

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के राजनीतिक जीवन पर आधारित डॉक्युमेंट्री फिल्म ‘ऐन इनसिग्निफिकेंट मैन’ के शह-निर्देशक खुशबू रांका ने कहा कि केजरीवाल की अच्छी दिखाने के लिए उनपर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं बनाया गया है।

AAP convener Arvind Kejriwal with party leader Yogendra Singh Yadav addresses a press conference in New Delhi on Saturday.
Photo by Praveen Negi
05/10/13

रांका ने पीटीआई से एक साक्षात्कार में कहा कि हमें पहुंच मिली हुई थी जिस वजह से फिल्मकारों के तौर पर हमारा सफर बना रहा। हमें महसूस हुआ कि यह हमें मिला एक खास मौका है और हम इसका इस्तेमाल ना करें तो हम वेबकूफ होंगे। हम ऐसी फिल्म बनाना चाहते थे जिसे कई तरीकों से देखा जा सके। यह कोई तत्काल टिप्पणी नहीं है बल्कि आत्मविश्लेषण की तरह है।

रांका ने कहा कि पार्टी ने उसे एक अच्छे रूप में पेश करने का कोई दबाव नहीं डाला। बता दें कि यह फिल्म केजरीवाल के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से लेकर उनके एक राजनेता के तौर पर उभरने की कहानी है। इसे एक डॉक्युमेंट्री के तौर पर तैयार किया गया है जिसमें पार्टी की वास्तविक बैठकों, घटनाओं इत्यादि के वीडियो फुटेज का इस्तेमाल किया गया है।

इसका निर्देशन विनय शुक्ला ने खुशबू रांका के साथ मिलकर किया है। फिल्म की शह निर्देशक खुशबू रांका ने कहा कि इस फिल्म के जरिए हमें अरविंद केजरीवाल और योगेंद्र यादव के बारे दिलचस्प चीज देखने को मिला।

खुशबू ने कहा कि दोनों के बीच अलगाव होने से पहले ही योगेंद्र यादव फिल्म में प्रमुख तौर पर दिखाई देते हैं। इसका एक प्रमुख कारण यह भी है कि अरविंद और योगेंद्र दोनों बहुत अलग हैं। उनका चीजों को देखने का तरीका, राजनीति करने का तरीका भी अलग है और फिल्म बनाने के लिए इन दोनों के बीच का जो अंतर है वह हमें बहुत रोचक लगता था।

उन्होंने कहा कि, ‘योगेंद्र थोड़ा सावधान रहते हैं। वह आंकड़ों पर ज्यादा निर्भर करते हैं। जबकि अरविंद व्यावहारिक (स्वाभाविक) हैं। वह लोगों को भांपकर, भीड़ के हिसाब से भाषण देंगे और एक कहानी की तरह राजनीति को बताते हैं। दोनों के बोलने के तरीके में फर्क है और उनका इतिहास एकदम अलग है। दोनों के बीच इतना अंतर होते हुए भी एक पार्टी में रहना हमें और बाकी लोगों को काफी रोचक लगता था।

खुशबू ने कहा कि इन दोनों के बीच मतभेद की क्या संभावना है और यह संभावना आगे जाकर बढ़ सकती है, यह बात फिल्म शूट के वक्त हमें साफ तौर पर महसूस हुई और यह आपको फिल्म में भी नजर आएगा। वहीं विनय शुक्ला ने कहा कि इन सालों में वे पार्टी इतने बड़े बन गए जिसकी हममें से किसी ने भी उम्मीद नहीं की थी। उनसे आखिरकार भारतीय राजनीति में एक आमूलचूल बदलाव लाने वाली प्रक्रिया का जन्म हुआ।

बता दें कि केजरीवाल के जीवन पर आधारित फिल्म ‘ऐन इनसिग्निफिकेंट मैन’ 17 नवंबर को रिलीज होने वाली है। इस फिल्म को अमेरिकी मीडिया कंपनी वॉइस ने बनाया है। खुशबू रांका और विनय शुक्ला द्वारा निर्देशित यह एक नॉन फिक्शन राजनीतिक फिल्म है, जो सामाजिक कार्यकर्ता से लेकर राजनेता बने अरविंद केजरीवाल के भारतीय राजनीतिक क्षितिज पर उदय को दर्शाती है।

इस फिल्म पर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी को ऐतराज था। उन्होंने फिल्म रिलीज करने के लिए फिल्म निर्माताओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और अरविंद केजरीवाल से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लाने को कहा था। अंत में, फिल्म प्रमाणन अपीलीय न्यायाधिकरण ने फिल्म को मंजूरी दे दी।

 

 

 

 

 

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