…तो क्या अमित शाह ने पूर्व PM इंदिरा गांधी का चुराया नारा? योगेंद्र यादव ने कसा तंज

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नरेंद्र मोदी सरकार के चार साल पूरा होने के मौके पर शनिवार (26 मई) को एक ओर जहां केंद्र शासित भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपनी सरकार की उपब्धियां गिनाई, वहीं दूसरी ओर विपक्ष बीजेपी की इन उपलब्धियों को झूठ का पुलिंदा करार दिया। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि 2019 में सत्ता में बीजेपी की वापसी कोई ‘‘ चुनौती नहीं है, यह निश्चित है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि अगला लोकसभा चुनाव ‘‘भ्रष्टाचार और गरीबी हटाने’’ के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों और विपक्ष के ‘मोदी हटाओ’ के एक सूत्री एजेंडे के बीच मुकाबला होगा।

बीजेपी की ओर से किए गए ‘अच्छे दिन’ के वादे पर शाह ने कहा कि सरकार ने चार साल में अपने वादे पूरे करने के लिए काफी कदम उठाए हैं और एक साल अब भी बाकी है। शाह ने विपक्ष पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि देश की राजनीति में चौंकाने वाला बदलाव हुआ है और प्रधानमंत्री के खिलाफ रहने वाले लोग झूठ फैलाकर हमेशा इसे जोर-जोर से बोलते रहते हैं। मोदी सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर शाह ने इसकी ‘‘कामयाबियों’’ का ब्योरा दिया और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई वाली कांग्रेस से मिलने वाली संभावित चुनौतियों पर निशाना साधा।

बीजेपी अध्यक्ष ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘मैं यह नई चीज देख रहा हूं और लगता है कि विपक्ष ने 2019 के चुनावों तक इसी रणनीति पर चलने का फैसला किया है… इसका एक सूत्री एजेंडा ‘मोदी हटाओ’ का है जबकि बीजेपी एवं मोदी कुव्यवस्था, भ्रष्टाचार और गरीबी मिटाना चाहते हैं ताकि स्थिरता एवं विकास कायम हो।’’ एकजुट विपक्ष की चुनौती को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए उन्होंने कहा कि लोग चट्टान की तरह मोदी के साथ खड़े हैं और काम करने की प्रधानमंत्री की राजनीति वंशवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण को बढ़ावा देने वालों पर भारी पड़ेगी।

शाह के ‘मोदी हटाओ’ बयान को लेकर स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने ट्वीट कर तंज कसा है। दरअसल, बीजेपी अध्यक्ष के इस बयान को लेकर एक यूजर ने वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई से कहा कि उन्होंने यह बात पहले ही कह दी थी कि बीजेपी ऐसा बयान देगी।

यूजर ने पत्रकार को टैग करते हुए लिखा, ‘सरदेसाई को सलाम… तीन महीने पहले आपने कहा था कि बीजेपी इसका सहारा जरूर लेगी कि ‘वो कहते हैं मोदी हटाओ, मैं कहता हूं कि देश बचाओ।’ और आज अमित शाह ने आपका स्लोगन कॉपी कर लिया अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में।’

यूजर के इस ट्वीट पर राजदीप ने एक हंसने की इमोजी लगाते हुए लिखा, ‘तो अब मुझे लगता है कि मुझे इस स्लोगन का अधिकार मिल जाना चाहिए।’

राजदीप के इस ट्वीट पर आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता योगेंद्र यादव ने याद दिलाया कि इस स्लोगन पर किसी और का नहीं बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का अधिकार है। योगेंद्र ने राजदीप के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, ‘निष्पक्षता के साथ कहूं तो इस स्लोगन पर इंदिरा गांधी का अधिकार है! उन्होंने कहा था, ‘वो कहते हैं इंदिरा हटाओ, मैं कहती हूं गरीबी हटाओ।’

प्रेस कॉन्फेंस के दौरान सरकार पर झूठ फैलाने और मोदी पर प्रधानमंत्री पद की गरिमा कम करने के आरोप लगाने वाली कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि बीजेपी केंद्र की उपलब्धियों के बाबत तथ्यों एवं आंकड़ों पर बहस करने के लिए तैयार है। इन आरोपों को नकारते हुए शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधा और कहा कि यूपीए के जमाने में प्रधानमंत्री पद की गरिमा सबसे निचले स्तर पर चली गई थी। उन्होंने कहा कि मोदी को कोई फैसला करने से पहले किसी से इजाजत लेने की जरूरत नहीं पड़ती।

उन्होंने कहा, ‘ प्रधानमंत्री पद की गरिमा के बारे में फैसला कांग्रेस नहीं करेगी। लोगों ने यह कर दिया है। उन्होंने 14 राज्यों में उसकी सरकारें बदल दी हैं।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें 2019 में एकजुट विपक्ष या राहुल गांधी से कोई चुनौती दिखती है, इस पर शाह ने कहा कि कोई चुनौती नहीं है और सत्ता में बीजेपी की वापसी निश्चित है। शाह ने राहुल के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस का कोई नेता उनके बयान के समर्थन में नहीं आया और न ही शरद पवार, ममता बनर्जी या अखिलेश यादव जैसे विपक्षी नेताओं ने उनके बयान का समर्थन किया।

गौरतलब है कि राहुल ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान कहा था कि यदि कांग्रेस को जरूरी सीटें मिलीं तो वह प्रधानमंत्री बन सकते हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार ने अपने वादे पूरे किए हैं, इस पर शाह ने एलपीजी सिलिंडर मुहैया कराने, मकान, बिजली और शौचालय बनवाने जैसी कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने 22 करोड़ परिवारों की जिंदगी को बदलने का सफल प्रयास किया है।

 

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