यशवंत सिन्हा का PM मोदी पर पलटवार, कहा- ‘मैं भीष्म हूं, अर्थव्यवस्था का चीर-हरण होगा तो मैं खामोश नहीं रहूंगा’

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भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुधवार(4 अक्टूबर) को दिए भाषण के बाद एक बार फिर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पीएम मोदी के शल्य वाले बयान पर जवाब देते हुए खुद को भीष्म पितामह बताते हुए गुरुवार(5 अक्टूबर) को कहा कि पीएम मोदी ने अपने बयान में महाभारत के शल्य का जिक्र किया। लेकिन मैं भीष्म हूं और किसी भी कीमत पर अर्थव्यवस्था का चीर हरण नहीं होने दूंगा।

File Photo: HT

बता दें कि आर्थिक नीतियों की हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया के समारोह में कहा कि हम विकास के लिए और बड़े फैसले लेंगे। पीएम ने कहा कि कुछ लोग कर्ण के सारथी शल्य की तरह निराश करने का काम करते हैं। ऐसे लोगों को पहचानने की जरूरत है। इन्हें एक तिमाही में भी जीडीपी की गिरावट बहुत बड़ी लगती है।

पीएम मोदी के शल्य वाले उदाहरण पर यशवंत सिन्हा ने कहा कि महाभारत में हर प्रकार के चरित्र हैं। उन्होंने कहा कि शल्य कौरवों के पक्ष में कैसे गए सब जानते हैं। नकुल-सहदेव के मामा शल्य दुर्योधन की ठगी के शिकार हो गए। महाभारत में एक और अच्छा चरित्र हैं भीष्म पितामह का। उन्हें आज भी इतिहास में द्रौपदी के चीर हरण के वक्त खामोश रहने के लिए दोषी माना जाता है। लेकिन अर्थव्यवस्था का चीर-हरण होगा तो मैं खामोश नहीं रहूंगा।

सिन्हा ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि ‘मुझे इस बात की खुशी है कि अर्थव्यवस्था पर चर्चा शुरू हुई। प्रधानमंत्री इसमें खुद शामिल हो गए। यह जानकर मुझे आश्चर्य हुआ। मुझे लगा था कि अपनी बात रखने के लिए किसी राज्यमंत्री को आगे करेंगे। लेकिन उन्होंने खुद देश की जनता के सामने कुछ बातें रखी हैं तो यह स्वागत योग्य है। और यह चर्चा आगे बढ़ना चाहिए।

बीजेपी नेता ने कहा कि मैं उसी चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहूंगा कि आंकड़ों का जो खेल होता है न वह बहुत खतरनाक होता है। 6 तिमाही से विकास दर नीचे आ रहा है। 2019 में चुनाव में जाएंगे तो लोग ये नहीं पूछेंगे कि UPA की तुलना में कैसा काम किया? लोग पूछेगे कि जो वादे किए थे वो पूरे हुए या नहीं।

यशवंत सिन्हा ने यूपीए सरकार की नाकामी गिनाने वाले पीएम मोदी के बयान पर कहा कि दोनों सरकारों की तुलना करना कोई मुद्दा नहीं है। जनता ने यूपीए को सरकार से बाहर कर दिया है। अगले चुनाव में जनता मौजूदा सरकार के काम के आधार पर टेस्ट करेगी। बता दें कि अटल सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा पहले भी नोटबंदी और जीएसटी को लेकर मोदी सरकार की आलोचना कर चुके हैं।

 

 

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