श्रीश्री रविशंकर के आयोजन से यमुना को हुआ भारी नुकसान, दोबारा तैयार करने में लगेंगे 13.29 करोड़ रुपये

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आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग के स्‍थापना दिवस के मौके पर दिल्ली के यमुना तट पर विश्व संस्कृति महोत्सव आयोजन करने की वजह से यमुना के डूब क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है। यमुना तट को दोबारा पहले जैसा तैयार करने में करीब 13.29 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।

फाइल फोटो: indianexpress

एक विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) से यह बात कही है। समिति ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि विश्व सांस्कृतिक महोत्सव से यमुना तट का डूब क्षेत्र पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। जिसे पहले जैसा ठीक करने में 13.29 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल मार्च में श्रीश्री रविशंकर द्वारा कराए गए इस महोत्सव की वजह से यमुना के डूबक्षेत्र में पनपने वाली जैव विविधता हमेशा के लिए बर्बाद हो गई है। इसमें सबसे अधिक नुकसान उस जगह को पहुंचा है, जहां पर रविशंकर ने अपना विशालकाय स्टेज लगवाया था।

इस पूरे मामले पर आर्ट ऑफ लिविंग के प्रवक्ता ने कहा कि हमारी लीगल टीम मामले के सभी पहलुओं को बारीकी से देखेगी और उसके बाद ही किसी तरह का एक्शन लिया जाएगा। बता दें कि पिछले साल श्री श्री रविशंकर के इस वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल का आयोजन दिल्ली में यमुना के किनारे 11 से 12 मार्च के बीच आयोजित किया गया था।

तीन दिन तक चले इस कार्यक्रम के समाप्ति के बाद यमुना किनारे दूर-दूर तक सिर्फ गंदगी और कूड़े के ढेर दिखाई दिए थे। इस विशाल महोत्सव से पहुंचे पर्यावरण को नुकसान के मद्देनजर एनजीटी ने श्रीश्री रविशंकर की आर्ट ऑफ लिविंग पर 5 करोड़ का जुर्माना लगाया था। जिसके बाद आर्ट ऑफ लिविंग को इस जुर्माने का भुगतान करना पड़ा था।

 

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