शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने दिया महिलाओं को तलाक देने का हक, पेश किया मार्डन निकाहनामा

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इस्लाम में पति द्वारा तीन तलाक का मुद्दा जब भारत में अहम चर्चा का विषय बना हुआ है, उसी बीच ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपना मार्डन निकाहनामा पेश किया है, मार्डन निकाहनामें के अनुसार महिलाओं को समान अधिकार देते हुए पत्नी को भी तलाक देने का हक दिया गया है।

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इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार,आल इंडिया शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने आधुनिक निकाहनामें के फाइनल प्रारूप को बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. कल्बे सादिक को सौंप दिया है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. कल्बे सादिक ने आधुनिक निकाहनामें को मंजूरी दे दिया है, और बोर्ड के अन्य सदस्यों के साथ बातचीत के बाद इसे लागू कराने का भरोसा दिया है।

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मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि इस्लाम में पुरुषों व महिलाओं को बराबर हक है। इसलिए शिया पर्सनल लॉ बोर्ड जल्द बैठक कर तीन तलाक सहित अन्य मसलों पर हल निकालने की कोशिश करेगा। शिया समुदाय में निकाह के लिए गवाह की जरूरत नहीं होती है, लेकिन जब तलाक का मामला आता है तो गवाह जरूरी हो जाता है।

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